जागरण संवाददाता, रांची : दशमी तिथि शुक्रवार को पिछले नौ दिनों से चल रहे चैती नवरात्र का विधि-विधानपूर्वक समापन हुआ। नियमित पूजा-अर्चना के बाद हवन किया गया। आरती के उपरांत आवाहित देवी-देवताओं व नवग्रहों से भूल-चूक के लिए क्षमा मांगी गई। विश्व को कोरोना महामारी से निवारण के लिए प्रार्थना की गई। पुजारियों ने प्रसाद के रूप में जयंती का वितरण किया। भुतहा तालाब दुर्गा पूजा समिति द्वारा स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन बिना ढोल बाजे के सादगी पूर्ण किया गया। दोपहर तीन बजे सजल नयन से माता की प्रतिमा को लाईन टैंक तालाब में विसर्जन किया गया। महामारी के कारण इस बार विसर्जन में किसी प्रकार का ताम-झाम नहीं हुआ। जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराये गए एक टै्रक्टर और मालवाहक ऑटो से प्रतिमा को तालाब तक पहुंचाया गया। मंदिर में प्रसाद बनवाकर मोहल्ले के प्रत्येक घर में बांटे गए। आयोजन की व्यवस्था में समिति के मुख्य संरक्षक किशोर साहू, रवि कुमार पिंकू, गोपाल पारीख, कोषाध्यक्ष संजय कुमार सिंह, गणेश सिंह, रूपक जायसवाल, विक्कू रजक, भोलू सिंह, सुनील रजक, संतोष सिंह, मिथिलेश वर्मा, मुकेश वर्मा आदि शामिल थे।

चुटिया श्रीराम मंदिर में प्रात:कालीन पूजा के बाद महादशमी का पूजन हुआ। स्थापित कलश का विसर्जन किया गया। नवदुर्गा चंडी पाठ कराने वाले आचार्य को सम्मानित कर विदा किया गया। समस्त पूजन आचार्य जनार्दन पांडेय एवं मंदिर के महंत गोकुल दास की देखरेख में संपन्न हुआ। आयोजन की व्यवस्था में संयोजक विजय कुमार साहू, विजय तिर्की, कैलाश केसरी, राजू साहू, रोहित ठाकुर, कृष्णा साहू, आनंद साहू, विकास साहू, गोकुल सिंह शामिल थे।

Posted By: Jagran

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