संवाद सूत्र, खरौंधी (गढ़वा) : प्रखंड के खोखा गांव सोन नदी घाट से बालू का अवैध उठाव पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। बालू माफिया बेखौफ होकर नदी से अवैध बालू का उठाव कर रहे हैं। ऐसा तब है जब सीओ महेंद्र छोटन उरांव तथा थाना प्रभारी सदानंद कुमार द्वारा बीते शुक्रवार को अवैध खनन के विरूद्ध संयुक्त कार्रवाई करते हुए उक्त बालू घाट को जाने वाली सड़कों को जेसीबी मशीन से मिट्टी का ढेर लगवा कर और ट्रेंच खोदवाकर अवरूद्ध कर दिया था। इसके बावजूद बेखौफ बालू माफियाओं द्वारा दूसरी जगह से नया रास्ता बनाकर बालू घाट से बालू का अवैध उठाव करने लगे और उसी रात दर्जनों ट्रैक्टर बालू का अवैध व्यापार उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती गावों में किया जा रहा है। स्थिति यह है कि खोखा सोन नदी बालू घाट से बड़े पैमाने पर बालू का अवैध उठाव कर ट्रैक्टरों के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर बालू सीमावर्ती राज्य उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मोटे कीमत पर बेचा जा रहा है। इस प्रकार बालू माफिया का धड़ल्ले से बालू का अवैध व्यापार फल-फूल रहा है। इस कार्य के लिए बालू माफिया ने बकायदा दो-दो डंपिग यार्ड बनाकर सैकड़ों ट्रिप बालू का अवैध भंडारण कर रखा है। जिसमें एक झारखंड-उत्तर प्रदेश सीमा पर यूपी के सीमावर्ती गांव डोमा में एक कथित प्रधान की मिलीभगत व देखरेख में किया जा रहा है। वहीं दूसरा खोखा गांव में हरिहर यादव के घर के ठीक सामने दक्षिण की ओर फारेस्ट की जमीन में अवैध रूप से जेसीबी मशीन से बकायदा सड़क बनाकर बालू डंपिग यार्ड बनाया लिया गया है। जहां सैकड़ो ट्रिप बालू का अवैध भंडारण किया गया है। चूंकि बालू माफिया द्वारा उपरोक्त डंपिग स्थानों में एक उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती गांव डोमा में अवस्थित है और दूसरा सीमावर्ती गांव के एकदम पास अवस्थित हैं। ऐसे में वहां पर डंप बालू को रात के अंधेरे में ट्रकों एवं हाइवा के माध्यम उत्तर प्रदेश के शहरों में आसानी से बेचा जा रहा है। इस संबंध में अंचलाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव ने कहा कि बालू की अवैध ढुलाई व खनन के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है। इसमें संलिप्त वाहन जब्त हो रहे हैं और थाना में एफआइआर दर्ज कराई जा रही है। संबंधित द्वारा दिए गए स्टॉक लाइसेंस का कागजात माइनिग को जांच के लिए भेजा जा रहा है। जाचोंपरांत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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