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IIM रांची ने बढ़ाया झारखंड का मान, क्यूएस बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग 2027 में बनाई जगह

Published: Fri, 18 Sep 2026 05:16 PM (IST)

आईआईएम रांची ने क्यूएस बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग 2027 में 'मास्टर्स इन मैनेजमेंट' और 'मास्टर्स इन बिजनेस एनालिटिक्स' दोनों श्रेणियों में वैश्विक और एशियाई स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है।

आइआइएम रांची ने क्यूएस बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग 2027 में बनाई जगह।

आइआइएम रांची ने क्यूएस बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग 2027 में बनाई जगह।

HighLights

  1. मास्टर्स इन मैनेजमेंट में एशिया में 21वां स्थान मिला।

  2. एमबीए बिजनेस एनालिटिक्स में एशिया में 16वां स्थान प्राप्त किया।

जागरण संवाददाता, रांची। आईआईएम रांची ने ग्लोबल क्यूएस बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग 2027 में अपनी जगह बनाई है। 'मास्टर्स इन मैनेजमेंट' श्रेणी के अंतर्गत आईआईएम रांची को 201 से अधिक ग्लोबल बैंड में रखा गया है और एशिया में 21वां स्थान हासिल हुआ है।

वहीं, 'मास्टर्स इन बिजनेस एनालिटिक्स' (एमबीए-बीए) श्रेणी में संस्थान को 201 से अधिक ग्लोबल बैंड में जगह और एशिया में 16वां स्थान हासिल हुआ है। यह उपलब्धि प्रबन्धन शिक्षा को सुदृढ़ करने के प्रति संस्थान के निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं। साथ ही, वैश्विक मान्यता, अकादमिक उत्कृष्टता और प्रबंधन शिक्षा में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में प्रभावशाली कदम है।

क्यूएस बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग 2027 पांच प्रमुख मापदंडों पर शैक्षणिक कार्यक्रमों का मूल्यांकन करती है, जिसमें एम्प्लॉयबिलिटी (रोजगार क्षमता 35 प्रतिशत), एलुमनाई आउटकम्स (पूर्व छात्रों की सफलता 15 प्रतिशत), वैल्यू फार मनी (निवेश का प्रतिफल 20 प्रतिशत), थाट लीडरशिप (वैचारिक नेतृत्व क्षमता - 20 प्रतिशत) और डायवर्सिटी (विविधता 10 प्रतिशत)।

पूरी रैंकिंग प्रक्रिया का आधा हिस्सा 'एम्प्लायबिलिटी' और 'एलुमनाई आउटकम्स' को दिया गया है, जो करियर से संबंधित परिणामों पर विशेष जोर देता है।

साथ ही, वित्तीय मूल्यों, अकादमिक प्रभाव और विविधता का भी आकलन करता है। 'एम्प्लॉयबिलिटी' के तहत, यह रैंकिंग स्नातकों की रोजगार संभावनाओं और नियोक्ताओं की धारणा का मूल्यांकन करती है, जो पाठ्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों को पेशेवर जगत के लिए कितनी प्रभावी ढंग से तैयार करता है, का आंकलन करती है।

'एलुमनाई आउटकम्स' के अंतर्गत स्नातकों की करियर उपलब्धियों का आकलन किया जाता है और उनकी पेशेवर सफलता का परस्पर मूल्यांकन करता है। 'वैल्यू फार मनी' डिग्री हासिल करने के लिए वित्तीय मूल्य को ध्यान में रखता है। जबकि, थाट लीडरशिप' व्यावसायिक शिक्षा में संस्थान के अकादमिक और अनुसंधान प्रभाव की समीक्षा की जाती है।

ये सभी मापदंड मिलकर पाठ्यक्रम की पेशेवर प्रासंगिकता, करियर परिणामों, वित्तीय मूल्य और अकादमिक विश्वसनीयता का आकलन करते हैं। अंतिम मापदंड, 'डायवर्सिटी', पाठ्यक्रम के अंतर्गत विविधता पर विचार करता है, जिसमें कक्षा और उसमें प्राध्यापकों के समावेश से तैयार हो रहे विविधता को दर्शाता है।

'मास्टर्स इन मैनेजमेंट' श्रेणी के तहत, संस्थान ने इन मापदंडों पर क्रमशः एम्प्लायबिलिटी में 37.2, एलुमनाई आउटकम्स में 20, वैल्यू फार मनी में 32.7, थाट लीडरशिप में 32.5 और डायवर्सिटी में 21.8 का अंक प्राप्त किया। वहीं 'मास्टर्स इन बिजनेस एनालिटिक्स (एमबीए – बीए)' श्रेणी के तहत इन्हीं मापदंडों पर क्रमशः 27.8, 20, 27.3, 31.1 और 25 का अंक हासिल हुआ है।

हाल ही में, आईआीएम रांची को 'एसोसिएशन ऑफ एमबीए' की प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त हुई है, जो प्रबंधन संस्थान को मिलने वाले ट्रिपल क्राउन में से एक है। इसके अलावा, क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के ही 'एग्जीक्यूटिव एमबीए' श्रेणी में जगह बनाने में सफल हुई, जहां आइआइएम रांची को 201 से अधिक ग्लोबल बैंड में रखा गया और एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में 33वां स्थान मिल चुका है।

इन हालिया उपलब्धियों और रैंकिंग के साथ, आइआइएम रांची अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है और प्रबंधन शिक्षा में अपने वैश्विक अकादमिक मानकों को स्थापित कर रहा है।