रांची, डिजिटल डेस्क। IAS Syed Riaz Ahmed ग्रामीण विकास के क्षेत्र में इंटर्नशिप करने खूंटी आई आइआइटी मंडी (हिमाचल प्रदेश) की छात्रा का यौन उत्पीड़न करने के आरोपित आइएएस अधिकारी सैयद रियाज अहमद को पुलिस ने पांच अप्रैल को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। कल यानी बुधवार को सैयद रियाज अहमद की ओर से दाखिल जमानत याचिका को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सत्यपाल की अदालत ने खारिज कर दिया है। इस बीच सैयद रियाज अहमद के निलंबन की संचिका कार्मिक विभाग ने बढ़ा दी है। संचिका पर मुख्य सचिव का आदेश होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा।

बाबूलाल मरांडी ने कहा- 'यौन उत्पीड़न का मामला बेहद शर्मनाक'

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि, '' खूंटी में एसडीएम 2019 बैच के आईएएस सैय्यद रियाज अहमद पर मध्य प्रदेश से शैक्षणिक कार्य से आयी एक छात्रा के साथ शराब के नशे में यौन उत्पीड़न का मामला बेहद शर्मनाक है। इस शर्मनाक मामले की न्यायिक जांच, स्पीडी ट्रायल करायी जाय। ताकि रक्षक के रूप में भक्षक बने व्यक्ति को सजा मिल सके।''

आरोपित सैयद रियाज अहमद को किया जा सकता है निलंबित

बता दें कि आरोपित एसडीएम सैयद रियाज अहमद के विरुद्ध शुरू में भादवि की धारा 354ए और 509 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में उसमें एक गैर जमानतीय धारा 354 भी जोड़ी गई। इसी आधार पर न्यायालय ने आरोपित एसडीएम को पांच जुलाई की शाम को अपनी कस्टडी में लेकर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस बीच सैयद रियाज अहमद के निलंबन की संचिका कार्मिक विभाग ने बढ़ा दी है। संचिका पर मुख्य सचिव का आदेश होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा।

सरकारी आवास पर छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप

एसडीएम पर आरोप है कि उन्होंने अपने सरकारी आवास पर छात्रा के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। 16 सदस्यीय आइआइटियन छात्र-छात्राओं का समूह इंटर्नशिप करने खूंटी आया है। दो जुलाई की सुबह ये छात्र-छात्राएं अपने काम के सिलसिले में एसडीओ आवास और डीडीसी आवास की व्यवस्था का निरीक्षण करने गए थे। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान यौन उत्पीड़न की घटना को अंजाम दिया गया।

Edited By: Sanjay Kumar