सिमडेगा, जासं। Jharkhand News झारखंड राज विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार सिविल कोर्ट सिमडेगा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा विशेष मध्यस्थता शिविर अभियान का आयोजन किया गया। जिसमें संभवत: सिमडेगा जिले में तलाक के पहले ऐसे मामले का निष्पादन हुआ। जिसमें वर पक्ष पटना में तथा वधू पक्ष जर्मनी में मौजूद था। वर्चुअल माध्यम से हुए सुनवाई में दोनों पक्ष ने बिना शर्त तलाक के लिए समझौता किया। दोनों के बीच ये समझौता विशेषज्ञ अधिवक्ता प्रदुमन सिंह ने कराया।

करीब 3 वर्षों से हैं अलग

सुनवाई के दौरान पति पटना से तो पत्नी जर्मनी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुई। दोनों ने बताया कि वे दोनों अलग-अलग देश में रहते हैं और आत्मनिर्भर हैं। दोनों करीब 3 वर्षों से अलग हैं। वे आपसी सहमति से बिना किसी शर्त के अलग होना चाहते हैं। जिसके बाद हिन्दू मैरेज एक्ट के तहत तलाक के लिए दोनों का समझौता कराया गया।

2017 में हुई थी दोनों की शादी

बता दें कि महिला मूल रूप से सिमडेगा जिले की रहने वाली है। वहीं, व्यक्ति पटना के रहने वाला है। दोनों की शादी 2017 में बानो थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध मंदिर केतुं धाम में हुई थी। कुछ माह बाद पत्नी जर्मनी चली गई। पति  पटना में सरकारी जॉब करने लगा। करीब 3 वर्षों तक अलग-अलग रहने के बाद दोनों ने हमेशा के लिए जुदा होने का फैसला लिया। इसके बाद दोनों ने संयुक्त रूप से सिमडेगा कोर्ट में पीडीजे के यहां तलाक के लिए आवेदन दिया।

सिमडेगा जिले में तलाक का ऐसा पहला मामला, जिसमें अलग-अलग देश में दोनों पक्ष

इस पर गुरुवार को सुनवाई हुई और बाबत जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मनीष कुमार सिंह ने बताया कि पारिवारिक मामलों के निष्पादन के लिए 20 से 24 जून तक विशेष मध्यस्थता अभियान का आयोजन किया गया है। जिसमें गुरुवार को सिमडेगा जिले में तलाक का पहला ऐसा मामला का निष्पादन हुआ, जिसमें दोनों पक्ष अलग-अलग देश में रह रहे हों।

Edited By: Sanjay Kumar