रांची, जासं। विश्व दृष्टि दिवस पर दैनिक जागरण की ओर से कार्यालय परिसर में आनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लायंस क्लब इंटरनेशनल के राजीव लोचन, रिम्स के नेत्र चिकित्सक डॉ. राहुल कुमार और डा. सुनील कुमार उपस्थित हुए। डॉ. राहुल ने कहा कि यह बड़ा महत्वपूर्ण दिन है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को उनकी आंखों के प्रति जागरूक करना है। डा. सुनील ने बताया कि आजकल लोगों के व्यस्त शि‍ड्यूल और गलत खानपान की वजह से भी आंखों में दिक्कत होती है।

आंखों को हेल्दी रखने के लिए हरी सब्जियों के साथ गाजर, पपीता का अधिक उपयोग करना चाहिए। साथ ही हर रोज 10 से 12 गिलास पानी पीएं। 7-8 घंटे की नींद जरूरी है। लायंस क्लब इंटरनेशनल फाउंडेशन के पूर्व जिलापाल राजीव लोचन ने कहा कि वर्ष 1988 से लायंस वर्ल्ड विजन डे नेत्र स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैला रहा है। दृष्टि जांच, चश्मा दान, नेत्र स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम और दृष्टि बाधित लोगों को कई उपकरण दिए गए हैं।

सेमिनार में नेत्र चिकित्सकों से लोगों ने पूछे ये सवाल

धूप में आंख दर्द करता है। -संजय

आंखों की पुतली बढ़ जाने से दर्द हो सकता है, जो सामान्य होता है। वहीं आंखों में दर्द होता है, तो इसका नेत्र चिकित्सक से इलाज कराएं।

आंखों को संक्रमण से कैसे बचाएं। -सुनील कुमार

अगर आप स्विमिंग करते हैं, तो इससे संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। लकड़ी या लोहे का कण आंखों में चला जाए, इससे भी संक्रमण होने की खतरा बढ़ जाता है। इसका समय रहते इलाज कराना जरूरी है।

आग के नीचे कालापन हो रहा है, क्या करें। -अजीत श्रीवास्तव

यह आम बात है। कुछ केस में यह जन्मजात भी होता है। साइज अगर ज्यादा बढ़ रहा है, तो नजदीकी नेत्र चिकित्सक से जाकर इलाज करवाएं।

आंखों में पानी आता है, क्या करें। -हर्ष कुमार

लंबे समय तक पढ़ाई करने से या फिर स्क्रीनिंग टाइम ज्यादा होने से यह दिक्कत होती है। नेत्र चिकित्सक से मिलकर इलाज करवाएं।

लायंस क्लब से किस प्रकार की सुविधा मिल सकती है। -रोहित

आप जहां रहते हैं, वहां के नजदीकी क्लब के पदाधिकारियों से मिलें, वह आपको सहयोग करेंगे। वैसे लायंस क्लब इंटरनेशनल किसी एक व्यक्ति पर नहीं, ग्रुप पर काम करती है।

आंखों में पानी आता है, इसका क्या इलाज है। -सुनील

आंखों में इंफेक्शन होने के कारण ऐसी समस्या होती है। आंसू की थैली में इंफेक्शन होने से ऐसा होता है, जिसके कारण आंखों से पानी आता है। इसके लिए काफी अच्छी दवाइयां मौजूद हैं। नजदीकी नेत्र चिकित्सक से मिलकर इलाज करवाएं।

लायंस क्लब की पहल

लायंस क्लब रांची ईस्ट निरामया हॉस्पिटल ने आंखों से संबंधित रिसर्च के लिए 75 लाख रुपये का बजट रखा है, ताकि किसी भी इंस्टीट्यूशन, अस्पताल को रिसर्च करना हो तो वे lcif.india.org पर जा कर रजिस्टर कर सकते हैं। इसकी अवधि 3 वर्ष तक के लिए है।

लायंस निरामया हॉस्पिटल के ओर से साइट किट फॉर इंडिया नामक कैंपेन चलाया जा रहा है। इसके तहत स्कूल में 1 से 8 वर्षीय बच्चों का रिफ्लेक्शन जांच होता है। जांच जर्मनी की रोबोटिक मशीन से 50 सेकेंड में की जाती है, जिससे बच्चे भी खेल-खेल में जांच करवा लेते हैं।

20-20-20 कांसेप्ट से दें आंखों को रिलैक्स

रिम्स के डा. सुनील कुमार के अनुसार हर 20 मिनट पर 20 सेकंड के लिए 20 फीट की दूरी में देखें। ऐसा करने से आंखों की मांसपेशियां रिलैक्स होंगी और आंखें ठीक रहेंगी।

Edited By: Sujeet Kumar Suman