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दूध-पनीर असली है या नकली, घर में भी कर सकते हैं जांच; जानिए आसान तरीके

Published: Mon, 26 Oct 2026 10:11 PM (IST)

रांची में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने घर पर दूध, पनीर, आलू और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के ...और पढ़ें

घर पर ही करें दूध पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच (AI Generated Image)

घर पर ही करें दूध पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच (AI Generated Image)

HighLights

  1. पनीर में स्टार्च जांचने के लिए आयोडीन टेस्ट का उपयोग करें।

  2. दूध में अधिक झाग कास्टिंग सोडा मिलावट का संकेत है।

  3. पुराने आलू को अमोनिया से नया बनाकर बेचा जा रहा।

जागरण संवाददाता, रांची। कोई भी खाद्य पदार्थ बीमारी के आमंत्रण के लिए नहीं, हमारे स्वस्थ जीवन के लिए है। दूषित खाद्य पदार्थ के सेवन से बचने के लिए सावधानी के साथ-साथ जागरुकता जरूरी है।

कई ऐसे तरीके हैं, जिनके माध्यम से हम घर बैठे ही दूध, पनीर, तेल एवं अन्य खाद्य पदार्थों की जांच कर सकते हैं कि वह असली है या नकली। उसमें कोई खतरनाक रासायनिक पदार्थ तो नहीं मिला है।

सोमवार को दैनिक जागरण कार्यालय, रांची में आयोजित अकादमिक बैठक में रांची के जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी पवन कुमार और सौरव सिंह ने खाद्य पदार्थों की घर में ही जांच करने की कई विधियां साझा कीं।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों ने बताया कि पनीर में स्टार्च की मौजूदगी की जांच के लिए आयोडीन आधारित परीक्षण किया जाता है।

घर पर भी पनीर की जांच आयोडिन टिंचर से किया जा सकता है, अगर इसे पनीर में डालने पर पनीर का रंग काला या गहरा बैंगनी पड़ जाए तो इसमें मिलावट है।

वहीं, दूध गर्म करने पर अधिक झाग हो तो उसमें कास्टिंग सोडा की मिलावट है। असली पनीर हाथ से मसलने पर आसानी से बिखर जाता है, जबकि नकली रबड़ की तरह खिंचता है।

इसी तरह, असली पनीर को गर्म पानी में डालने पर यह घुलता नहीं है, वहीं नकली पनीर पानी में घुलने लगता है, टूटने लगता है या सफेद झाग छोड़ने लगता है।

पनीर की शुद्धता की जांच अरहर दाल के पाउडर के साथ भी की जा सकती है। पनीर में केमिकल्स होने पर उसका रंग हल्का लाल हो जाता है।

अधिकारियों ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट या दूषित होने पर ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) या झारखंड के खाद्य सुरक्षा आयुक्त के पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं।

अधिकारियों ने कहा कि खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार या प्रशासन की नहीं है। इसमें जनभागीदारी जरूरी है।

नए आलू पर न हो जाएं भ्रमित, ऐसे करें जांच

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों के अनुसार, बाजार में नए आलू के नाम पर पुराने आलू बेचे जा रहे हैं, जिन्हें खतरनाक रसायनों अमोनिया और एसिड से तैयार किया जाता है।

नए आलू की पहचान आप कुछ आसान तरीकों से कर सकते हैं। पानी में डुबोने पर असली और भारी आलू पानी में नीचे डूब जाते हैं, जबकि केमिकल के उपयोग से तैयार नकली आलू पानी की सतह पर तैरने लगते हैं, जो वास्तविक में पुराने आलू होते हैं।

अमोनिया या केमिकल से तैयार किए गए नए नकली आलू की सतह छूने पर हल्की चिपचिपी महसूस होती है या उस पर कृत्रिम चमक होती है।

असली आलू पर लगी मिट्टी आसानी से नहीं छूटती, जबकि नकली आलू पर लगाई गई नकली मिट्टी धोने या रगड़ने पर पानी को तुरंत मटमैला कर देती है।

असली नए आलू में से मिट्टी जैसी प्राकृतिक और सौंधी खुशबू आती है। वहीं, नकली या केमिकल से रंगे आलू में से तीखी रासायनिक या खाद जैसी अजीब बदबू आती है।

तलने में एक ही तेल का बार-बार न करें उपयोग

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी पवन कुमार ने बताया कि स्ट्रीट फूड का स्वाद लेने से पहले उसकी गुणवत्ता और साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है। सड़क किनारे दुकानों में कई बार सुबह से रात तक एक ही तेल में खाद्य सामग्री तली जाती है।

तेल का बार-बार इस्तेमाल करने से उसमें हानिकारक रासायनिक यौगिक बन जाते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदेह हैं। घरों में भी कोई चीज तलने के लिए एक ही तेल का बार-बार उपयोग नहीं करना चाहिए। ऐसा करते हैं तो आप कैंसर को आमंत्रण देते हैं।

समझें बेस्ट बिफोर और एक्सपायरी में अंतर

किसी खाद्य पदार्थ में बेस्ट बिफोर उसकी गुणवत्ता और स्वाद बरकरार रहने की सीमा है।

दूसरी तरफ, एक्सपायरी या यूज़ बाय वह समय सीमा है जिसके बाद उत्पाद स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है और उपभोग के लिए असुरक्षित हो जाता है, इसलिए एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ का उपयोग किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए।

कोशिश यह भी हो कि बेस्ट विफाेर की सीमा का उल्लंघन करनेवाले पदार्थ का भी उपयोग न किया जाए।

एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान:

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान एक्सपायरी या नियमों के विपरीत खाद्य सामग्री मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। संदिग्ध सामग्री का नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा जा सकता है।

जब्त सामग्री के निस्तारण की कार्रवाई भी नियमों के अनुसार होती है। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कुछ उल्लंघनों में एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रविधान है।

जांच में बाधा डालने या अन्य गंभीर अनियमितताओं के मामले में संबंधित कारोबारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर प्रतिष्ठान को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

खोया, पनीर और मांस-मछली के भंडारण व परिवहन के लिए कोल्ड चेन अनिवार्य

अधिकारियों ने एफएसएसएआई द्वारा इसी माह जल्द खराब होने वाले खाद्य पदार्थों जैसे खोया, पनीर और मांस-मछली के भंडारण और परिवहन को लेकर जारी नई सख्त एडवाइजरी भी साझा की।

इसके तहत पूरी सप्लाई चेन के दौरान खाद्य पदार्थों के लिए निर्धारित तापमान बनाए रखना अनिवार्य है। जल्द खराब होने वाले खाद्य पदार्थों का भंडारण व परिवहन पांच डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान में होना चाहिए।

खाद्य सामग्री के परिवहन के लिए केवल साफ, ढके हुए और स्वच्छ वाहनों का ही उपयोग किया जाएगा। कारोबारियों के लिए खेप के प्रापर रिकॉर्ड और बिल संभाल कर रखना सख्ती जरूरी किया गया है।

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