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रांची, जासं। झारखंड की पहली महिला ओलंपियन निक्की प्रधान व भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा का नाम हॉकी झारखंड ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कार के लिए भेजा है। हॉकी झारखंड ने निक्की प्रधान का नाम अर्जुन पुरस्कार व असुंता लकड़ा का नाम ध्यानचंद पुरस्कार के लिए हॉकी इंडिया के पास भेज दिया है।

वहीं दूसरी ओर रेलवे भी अर्जुन पुरस्कार के लिए निक्की के नाम की अनुशंसा करने पर विचार कर रहा है।

सूत्रों की माने तो अर्जुन पुरस्कार के लिए निक्की प्रधान इस बार प्रबल दावेदार है। भारतीय महिला हॉकी टीम में उससे सीनियर लगभग सभी खिलाडिय़ों को यह सम्मान मिला है। इस कारण यह माना जा रहा है कि इस बार हॉकी इंडिया निक्की प्रधान का नाम केंद्र सरकार द्वारा गठित कमेटी के पास भेज सकती है। वहीं दूसरी ओर मंगलवार को रेलवे ने निक्की प्रधान को कोलकाता में सम्मानित किया।

निक्की को दक्षिण पूर्व रेलवे (सेरसा) के चेयरमैन जेके साहा ने सम्मानित किया तथा उसके प्रदर्शन की सराहना की। इस मौके पर रेलवे के अन्य कई अधिकारी उपस्थित थे। वहीं पूर्व कप्तान व भारतीय महिला हॉकी टीम की कोच असुंंता लकड़ा  का नाम ध्यानचंद पुरस्कार के लिए भेजा गया है। अगर असुंता को यह सम्मान मिलता है तो यह पुरस्कार पाने वाली राज्य की तीसरी खिलाड़ी होंगी। ओलंपियन सिलवानुस डुंगडुंग व भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान सुमराय टेटे को यह सम्मान मिल चुका है।

निक्की प्रधान

खूंटी की रहने वाली निक्की प्रधान   2016 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा थीं। वह पहली बार भारत के लिए बैंकांक में हुए एशिया कप 2011 में खेली थीं। इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने रजत पदक जीता था। लेकिन 2015 के शुरू में चोट लगने के कारण टीम से बाहर हो गई थी। इसके बाद 2016 में ब्राजील में हुए ओलंपिक में भारतीय टीम मेंं उसकी वापसी हुई। निक्की भारत के लिए ओलंपिक में खेलने वाली झारखंड की पहली महिला हॉकी खिलाड़ी है। उन्होंने अब तक साठ से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है। अभी वे दक्षिण पूर्व रेलवे में कार्यरत हैं।

असुंता लकड़ा

झारखंड की बेटी व भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा  2000 से 2014 तक लगातार 14 वर्षो तक भारतीय हॉकी टीम की सदस्य रहीं हैं। इस दौरान वह  हॉकी खेलने वाले सभी देशों के खिलाफ अपने जौहर को दिखाया। वह भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान भी रहीं।  वें  जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम प्रशिक्षक भी हैं। वें जूनियर विश्व कप, सीनियर विश्व कप व कॉमनवेल्थ गेम्स व दो बार एशिया कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने सौ से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है।  

Posted By: Alok Shahi

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