रांची, जासं। Coal India News कोरोना संक्रमण काल में धीमी व्यापार की मार झेल रहे कोल इंडिया को एक और बड़ा झटका लगा है। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, जिंदल स्टील एंड पावर और वेदांता ने कंपनी से कोयला खरीदने के करार को तोड़ दिया है। कंपनियों ने कोल इंडिया पर घटिया क्वालिटी के कोयले की आपूर्ति और यातायात का खर्च ज्यादा लेने का आरोप लगाया है।

हालांकि कोल इंडिया का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में देश में कोयले की मांग में गिरावट देखने को मिली है। ऐसे में कंपनियां वहां से कोयला लेना पसंद कर रही है ज्यादा रेट कम मिल रहे हैं। इस बीच बताया जा रहा है कि कोल इंडिया ने कोयले की नीलामी में रेट को घटाया है। वहीं इसके कोयले की बिक्री में करीब 21 प्रतिशत की गिरावट विभिन्न कारणों से देखने को मिली है।

इन कंपनियों के साथ कोल इंडिया का करार 2016 से 2018 के बीच हुआ था। जिंदल के द्वारा बताया गया है कि जून 2019 से जो कोयला उन्हेंं मिल रहा था, वह अच्छी क्वालिटी का नहीं था जिसकी वजह से उत्पादन की लागत 30 से 40 फीसदी बढ़ जा रही थी। वहीं सीसीएल के अधिकारी ने इस बारे में कुछ भी बोलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि ये मामला कोल इंडिया का है।

इसके बारे में जानकारी केवल कोलकाता से मिल सकती है। हालांकि कोल इंडिया के साथ तीन कंपनियों के करार रद्द होने की इनसाइड स्टोरी में लगातार कोयले के ग्रेड में बदलाव करना, बहुत ऊंची कीमत होना और ट्रांपोर्टेशन के दौरान कोयले की चोरी होना, कारोबार में भ्रष्टाचार फैलना और सप्लाइ बाधित होना कारण बताया जा रहा है।

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