रांची, राब्यू । झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अदालत में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की जमानत पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने इस मामले में निचली अदालत से स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने पूछा है कि अब तक इस मामले में कितने लोगों की गवाही दर्ज हो चुकी है। मामले में अगली सुनवाई दीपावली अवकाश के बाद होगी। हजारीबाग के बड़कागांव में एनटीपीसी के खिलाफ सत्याग्रह आंदोलन के दौरान पुलिस और ग्रामीणों में हुई झड़प मामले में अभियुक्त योगेंद्र साव ने हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है।

सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता शुभाशीष रसिक सोरेन ने अदालत को बताया कि इस मामले में अभियोजन की

ओर से अतिरिक्त गवाहों की गवाही दर्ज कराने के लिए कोर्ट की अनुमति मांगी गई थी। अनुमति मिलने के करीब डेढ़ साल बाद भी अभी तक अतिरिक्त गवाहों की गवाही दर्ज नहीं की जा रही है। ऐसे में योगेंद्र साव को जमानत की सुविधा मिलनी चाहिए। इस पर अदालत ने इस केस में की स्टेट्स रिपोर्ट तलब की है।

34वें राष्ट्रीय खेल घोटाले के अभियुक्त हीरालाल दास को मिली जमानत

34वें राष्ट्रीय खेल घोटाले के अभियुक्त हीरालाल दास को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट के जस्टिस अंबुज नाथ की अदालत ने उन्हें जमानत की सुविधा प्रदान कर दी है। अदालत ने उन्हें पचास-पचास हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। प्रार्थी सात जुलाई 2021 से जेल में बंद है। निचली अदालत से जमानत खारिज होने के बाद हीरालाल ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

सुनवाई के दौरान उनकी ओर से वरीय अधिवक्ता आरएस मजूमदार ने अदालत को बताया कि हीरालाल दास टेंडर कमेटी के सदस्य थे। लेकिन इस मामले में टेंडर कमेटी के चेयरमैन आरके आनंद, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की सहित अन्य आरोपितों को जमानत मिल चुकी है। ऐसे में इन्हें भी जमानत दी जानी चाहिए। इसके बाद अदालत ने हीरालाल दास को जमानत प्रदान कर दी।

Edited By: Kanchan Singh