हजारीबाग: सोमवार की शाम में ¨सदूर पावर सब स्टेशन से थोड़ी दूर पर जबरा फीडर के 11 केवी का तार टूटकर एक तालाब में गिर गया। इससे शहर का एक तिहाई हिस्सा अंधेरे में डूब गया। इस वजह से सुरेश नगर का कुछ हिस्सा, साकेत पुरी, धीरेनपुरी, आनंद पुरी, कोर्रा सहित कई इलाके के लोग अंधेरे में रहने को विवश रहे।

तार टूटने की जानकारी मिलने के बाद सहायक विद्युत अभियंता के नेतृत्व में विभाग की टीम ने रात्रि में ही टूटे हुए तार को सही करने का हरसंभव प्रयास किया। लेकिन अंधेरा ज्यादा होने की वजह से काम नहीं हो पाया।

तालाब, जंगल, कीचड़ व दलदल बने परेशानी का कारण

तार टूटने के संबंध में विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल हजारीबाग के सहायक विद्युत अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि जिस जगह पर 11 केवी का तार टूटा था, वहां पुराना तालाब है। साथ ही अंधेरा होने की वजह से काम कर पाने में काफी परेशानी हो रही थी। वहीं वह पूरा क्षेत्र दलदली होने के साथ झाड़ियों से आच्छादित है। जिस कारण रात्रि के समय काम कर पाना संभव नहीं हो पाया। लेकिन सुबह होने के साथ पूरी टीम मुस्तैदी के साथ डटकर काम को पूरा की। विभाग के कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर किसी प्रकार से टूटे तार को जोड़ पाने में सफलता पाई। इसके बाद ही दोपहर के 12 बजे के बाद जबरा फीडर में बिजली आपूर्ति संभव हो पाई।

बिना बिजली लोग रहे हलकान

शाम से ही बिजली के गुल हो जाने के कारण न केवल बच्चों को पढ़ाई लिखाई में काफी परेशानी हुई, बल्कि लोग उमस भरी गर्मी में चैन से सो भी नहीं पाए। सबसे बडी समस्या सुबह जगने के साथ पानी की हुई। बिजली नहीं रह पाने के कारण लोग अपने वाटर पंप नहीं चला सके। जिससे लोगों की पानी की जरूरतें पूरी नहीं हो पाई। लोग अपने दैनिक काम काज पूरा कर पाने में परेशानी महसूस किए। वहीं गृहणियां भी कम परेशान नहीं रही। लोगों को चापाकल का सहारा लेना पड़ा। दोपहर बाद 12 बजे बिजली मिलने के बाद लोग पानी की जरूरत पूरी कर पाए।

Posted By: Jagran