रांची, जासं।  राजधानी में इवेंट ग्रुप के नाम पर आधा दर्जन संस्थाएं सेक्स रैकेट के धंधे में जुटी हैं। इस धंधे के सरगना दूरदराज क्षेत्रों से लड़कियां मंगाते हैं और शहर के विभिन्न ग‌र्ल्स हॉस्टल में छात्रा बताते हुए कमरा भी उपलब्ध करवाते हैं। इस धंधे से सैकड़ों लड़कियां जुड़ी हैं। शहर में रात के डेढ़-दो बजे भी छोटे और भड़कीले कपड़ों में आए दिन इस तरह की लड़कियां पुलिस गश्ती पार्टी को मिलती रही हैं। पुलिस को यह कहकर बच जाती हैं कि वे शादी-विवाह में इवेंट ग्रुप में काम करती हैं।

एक पूर्व डीएसपी सिटी ने जब पकड़ा तो लगी गिड़गिड़ाने : रांची के एक पूर्व डीएसपी सिटी ने गश्त के दौरान महेंद्र प्रसाद महिला महाविद्यालय के पुराने भवन के पास रात के ढाई बजे दो लड़कियों को एक युवक के साथ पकड़ा था। भड़कीले ड्रेस पहनीं लड़कियों ने खुद को इवेंट ग्रुप का कर्मी बताया था। जब डीएसपी ने उनके माता-पिता का नंबर मांगा तो लड़कियां गिड़गिड़ाने लगीं। उनका कहना है कि वह रांची में किराए पर रहती हैं और इवेंट में काम करने की जानकारी उनके माता-पिता को नहीं है। बाद में पुलिस उन्हें थाने भेजा और डांट-फटकार के बाद उन्हें थाने से ही छोड़ दिया गया। इस रैकेट की तह तक जाने की पुलिस जहमत तक नहीं उठाई।

होटल-लॉज में भी पकड़ी जाती रहीं हैं लड़कियां : लालपुर, चुटिया, डोरंडा आदि इलाके के कई होटलों में 15 अगस्त, 26 जनवरी या किसी खास आयोजन के पूर्व सर्च अभियान के दौरान अवैध तरीके से कमरे में बंद लड़के-लड़कियां पकड़ी जाती रही हैं। जब लड़कियां किसी न किसी के साथ पकड़ी जाती हैं तो उनका एक ही जवाब होता है, वह युवक उसका दोस्त है।

अपनी इज्जत की दुहाई देकर पुलिस को कार्रवाई से रोक लेती हैं। पुलिस की कार्रवाई भी वहां फटकार तक ही सीमित रह जाती है। मनचाहा पैकेज दिलाने का देते हैं झांसा शहर में कुछ इवेंट्स ग्रुप ऐसे हैं, जिनके पास सैलरी देने की औकात नहीं है। ये ग्रुप जब लड़कियों को इंटरव्यू के लिए बुलाते हैं तो उन्हें उनकी सुंदरता व फिगर के आधार पर उनकी बोली लगा देते हैं। यह भी कह देते हैं कि सर्विस ठीक रही तो 50 हजार से एक लाख रुपये तक महीना कमा लेगी। इस झांसे में संभ्रांत घर की लड़कियां भी फंस रही हैं।

लोकल लड़कियों की डिमांड अधिक : राजधानी में वाट्सएप पर सेक्स रैकेट चलाने के मामले में पूर्व में गिरफ्तार सरगना भी यह खुलासा कर चुका है कि रांची में लड़कियों के शौकीन लोगों की कमी नहीं है। ये शौकीन अब महानगरों की लड़कियों से ज्यादा रुचि लोकल लड़कियों में ले रहे हैं। यही कारण है कि मॉडलिंग व इवेंट के लिए विज्ञापन निकालकर ऑडिशन के नाम पर लोकल लड़कियों को भी शहर के कुछ होटलों में बुलाया जाता है और उन्हें बेहतर पैकेज दिलाने का आश्वासन दिया जाता है। लड़कियां जब धंधे में कूदने को तैयार हो जाती हैं तो उनकी तस्वीरें व उनकी कीमत वाट्सएप के जरिये ग्राहकों को उपलब्ध करायी जाती है।

Posted By: Alok Shahi