रांची, [दिलीप कुमार]। आदतन अपराध अधिनियम (हैबिचुअल अफेंडर एक्ट) को और सख्त बनाने की तैयारी है। अब बार-बार अपराध करने वाले यूं ही जमानत पर बाहर नहीं आ सकेंगे। इसमें संशोधन को लेकर कवायद तेज कर दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर राज्य सरकार के गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय सहित सभी जिलों को पत्र भेजा है और इस अपराध में दर्ज मामलों की सूची मांगी है, ताकि केंद्र को अवगत कराया जा सके। 

केंद्रीय गृह मंत्रालय पूरे देश के आदतन अपराधियों की फाइल तैयार कर रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पूरे देश में ऐसे कितने अपराधी हैं, जिनकी आदत में अपराध शामिल है। दो या इससे अधिक बार गंभीर अपराध में सजा काट चुके अपराधियों के विरुद्ध कानून को और सख्त बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए राज्यों से फीडबैक लिया जा रहा है, ताकि आदतन अपराध अधिनियम को और सख्त बनाया जा सके और ऐसे आदतन अपराधियों पर इस अधिनियम में केस दर्ज किया जा सके। 

क्यों पड़ी इस अधिनियम को सख्त बनाने की जरूरत

अमूमन ऐसा देखा जाता है कि गंभीर अपराध करने वाले अपराधी कुछ माह के बाद जमानत का लाभ लेकर जेल से बाहर आ जाते हैं। उनपर सामान्य धाराओं में मामला दर्ज होता है या फिर हैबिचुअल अफेंडर एक्ट का सही तरीके से पालन नहीं होता है, जिसका उन्हें लाभ मिलता है। आदतन अपराध अधिनियम को सख्त बनाने के बाद जब ऐसे अपराधियों पर इस अधिनियम में केस दर्ज होंगे तो अपराधी शीघ्र जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे और अपराध पर लगाम भी कसेगी। 

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