खास बातें

  1. राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में गिनाईं सरकार की प्राथमिकताएं
  2. कहा, भाषाओं के विकास के लिए गठित होगी अकादमी
  3. स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल होगा जलवायु परिवर्तन, यातायात प्रबंधन
  4. शिक्षकों, अनुबंध कर्मियों के हितों का रखा जाएगा ध्यान 
  5. अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए बनेगी नीति

रांची, राज्य ब्यूरो। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि राज्य सरकार सीएनटी-एसपीटी एक्ट के प्रावधानों को सख्ती से लागू करवाएगी। यह भी कहा कि सरकार सभी समुदायों और सभी धर्मों को सम्मान देने और उनके अधिकार के साथ रहने की पक्षधर है। धर्मनिरपेक्षता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को संरक्षित करने के लिए भीड़ की ङ्क्षहसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। राज्यपाल पंचम विधानसभा के प्रथम सत्र के अपने अभिभाषण में नई सरकार की प्राथमिकताएं गिना रही थीं।

राज्यपाल ने इस क्रम में कहा कि युवाओं को रोजगार, किसानों को हर संभव सहायता, महिलाओं का सशक्तिकरण, दलितों और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा तथा दुर्भावना आधारित कानूनी उलझनों से दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को मुक्ति देना सरकार की प्राथमिकता होगी। कहा, किसी द्वेष, घृणा और प्रतिशोध की भावना से दूर रहकर वंचितों को विशेष महत्व देते हुए सबको उचित अधिकार, सुरक्षा और हर घर तक समृद्धि पहुंचाना सरकार की प्रतिबद्धता रहेगी।

राज्यपाल ने कहा कि उनकी सरकार सरकारी कर्मियों, पुलिस कर्मियों, शिक्षकों, अनुबंध कर्मियों तथा आंगनबाड़ी कर्मियों के हितों का पूरा ध्यान रखेगी। उन्होंने हिंदी सहित राज्य में बोली जानेवाली सभी भाषाओं के विकास के लिए अकादमी के गठन तथा जलवायु परिवर्तन व यातायात प्रबंधन को स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल करने का भरोसा भी दिलाया। अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए नीति बनाने की भी सरकार की प्राथमिकता बताई। इससे पहले उन्होंने आशा व्यक्त की कि पंचम विधानसभा राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए गरिमामय ओर गौरवपूर्ण चर्चाओं का साक्षी बनेगा।

नेहरू के वक्तव्य से अभिभाषण का प्रारंभ

राज्यपाल ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के उस वक्तव्य के साथ अपने अभिभाषण की शुरुआत की कि आप दीवार के चित्रों को बदलकर इतिहास के तथ्यों को नहीं बदल सकते। कहा, सरकार भारत की गरिमामयी विरासत का सम्मान करते हुए कल्याणकारी अवधारणा के अनुरूप काम करेगी।

राज्यपाल ने किसपर क्या कहा

रोजगार : राज्य के विभिन्न जिला, अनुमंडल, प्रखंड व पंचायत स्तर पर लंबे समय से रिक्त पदों पर चरणबद्ध ढंग से नियुक्तियां होंगी।

किसान : किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाएगा। उनकी जमीन सुरक्षित रहेगी। उन्हें प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। मनरेगा में मानव दिवस की संख्या बढ़ाई जाएगी।

आदिवासी : आदिवासियों की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। भारतीय वन कानून एवं वनाधिकार कानून के आदिवासी हितों के स्वरूप को अक्षुण्ण रखा जाएगा।

शिक्षा : सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से बेहतर बनाते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी। सभी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा शुरू की जाएगी। उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सुविधा बहाल की जाएगी।

स्वास्थ्य : प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ किया जाएगा। दवा व डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। एंबुलेंस व ममता वाहन हर राज्य की जनता के पहुंच में हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा।

पर्यटन : इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्यटन केंद्रों पर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एक विस्तृत कार्य योजना बनाकर पर्यटकों की सुविधाएं बहाल की जाएंगी।

जल संरक्षण : पुराने जलाशयों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। पूर्व के कुछ बांध व अन्य सिंचाई योजनाओं की समीक्षा होगी। विस्थापितों के पुनर्वास के लिए सरकार नीति बनाएगी।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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