रांची, राज्य ब्यूरो। राज्य में कानून का राज स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता होगी और देश के विकसित राज्यों में झारखंड को शामिल करने के लिए सभी लोगों को साथ लेकर चलना होगा। उक्त बातें राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए कहीं। इसके पूर्व उन्होंने झंडोत्तोलन किया और परेड की सलामी ली। राज्यपाल के समक्ष विभिन्न विभाग की झांकियां भी निकाली गईं।

राज्यपाल ने प्रदेश में रोजगार की स्थिति को लेकर चिंता जताई और माना कि झारखंड में युवाओं के सामने बेरोजगारी एक ज्वलंत समस्या है। उन्होंने कहा कि झारखंड में सरकार पंचायत, प्रखंड, जिला और राज्य स्तर की तमाम रिक्तियों को समाप्त करेगी। इसके अलावा महिलाओं और युवाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। महिला शक्ति झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी है और राज्य में महिला समूहों को जोड़कर कौशल विकास कर रोजगार से जोड़ा जाएगा।

कहा कि आदिवासियों की स्वशासन परंपरा को आनेवाले दिनों में मजबूत किया जाएगा और सीएनटी व एसपीटी एक्ट को कड़ाई से बहाल करते हुए वनों से जुड़े कानूनों को आदिवासी के हितों के अनुरूप बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को मुख्य फसल के साथ उगाई जानेवाली सब्जियों के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाएगा। किसानों को प्रखंड स्तर पर कृषि प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकारी विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की गुणवत्ता बेहतर बनाया जाएगा।

कंप्यूटर सहित आधुनिक शिक्षण पद्धति सरकारी विद्यालयों में शिक्षण का आधार रहेगी। प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए छात्र-छात्राओं को मुफ्त कोचिंग की सुविधा दी जाएगी। स्वास्थ्य की सुविधा सबके लिए सुलभ कराने के लिए सरकार काम करेगी। राज्यपाल ने इसके साथ ही कहा कि प्रदेश में पर्यटक स्थलों के विकास में स्थानीय युवाओं के रोजगार की भागीदारी को महत्व दिया जाएगा और इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि पर्यटक सुविधाएं सस्ती हों।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस