रांची, राज्य ब्यूरो। सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को अब गर्मी की छुट्टी के बाद ही नई किताबें मिल पाएंगी। 18 मई से सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टी हो रही है। तबतक बच्चों को किताबें मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। ऐसे में बच्चों को गर्मी की छुट्टी के बाद ही किताबें मिल पाएंगी। शैक्षणिक सत्र शुरू होने के 40 दिन बीत जाने के बाद भी बच्चों को किताब नहीं मिल पाई।

किताबों के प्रकाशन को लेकर टेंडर में देरी, एनसीईआरटी से देर से सीडी प्राप्त होने तथा वर्क ऑर्डर जारी करने में आचार संहिता का मामला फंसने के कारण यह स्थिति हुई। हालंाकि निर्वाचन आयोग ने तुरंत ही वर्क ऑर्डर जारी करने की अनुमति दे दी थी। सरकारी स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान (अब समग्र शिक्षा अभियान) के तहत कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को निश्शुल्क किताबें दी जाती हैं।

इस वर्ष से राज्य सरकार ने कक्षा नौ से बारह के लिए भी किताबें प्रकाशित कर देने का निर्णय लिया है। इनमें से चार कक्षाओं पहली, तीसरी, सातवीं तथा आठवीं के लिए किताबों के प्रकाशन का मामला आचार संहिता में फंस गया था। अन्य कक्षाओं के लिए भी फरवरी माह के अंत में वर्क ऑर्डर जारी हुआ। प्रकाशक किताबों के प्रकाशन के लिए दो से तीन माह का समय लेते हैं। इस बार किताबों के प्रकाशन के लिए आठ प्रिंटर्स को जिम्मेदारी दी गई है।

पुरानी किताबों से चलाया जा रहा काम

नए शैक्षणिक सत्र में बच्चों को किताबें नहीं मिलने से पूर्व के छात्रों से पुरानी किताबें लेकर काम चलाया जा रहा है। हालांकि कुछ किताबें गायब हो जाने या फट जाने से सभी बच्चों को यह भी उपलब्ध नहीं हो पाया। कई शिक्षकों का कहना है कि इससे काफी परेशानी हो रही है। किसी तरह बच्चों का पठन-पाठन कराया जा रहा है।

कुछ कक्षाओं में एनसीईआरटी से सीडी देर से मिलने के कारण किताबों के प्रकाशन में देरी हुई। इस माह के अंत तक स्कूलों में किताबें पहुंच जाएंगी। -उमाशंकर सिंह, राज्य परियोजना निदेशक, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद।

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Posted By: Sujeet Kumar Suman

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