रांची, राज्य ब्यूरो। राज्य सरकार ने राज्य कर्मियों की महीनों पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए उन्हें सातवें वेतनमान के वंचित लाभों का तोहफा दिया है। इसपर अंतिम मुहर निर्वाचन आयोग की अनुमति के बाद लगेगी। कैबिनेट ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी। चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से इसे स्वीकृति के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा।

इसके साथ ही राज्य कर्मियों को आवास भत्ता, चिकित्सा भत्ता और परिवहन भत्ता केंद्रीय कर्मियों के अनुरूप मिलने लगेगा। कैबिनेट ने चतरा जिले के बचरा के कुछ गांव समेत कई ग्रामीण इलाकों को शहरी निकायों में शामिल करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस मामले में भी राज्य निर्वाचन आयोग की स्वीकृति का इंतजार है। खनन उद्योग से जुड़ी कंपनियों को भी बड़ा तोहफा दिया गया है। खनन के पूर्व आवश्यक पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए निर्धारित परीक्षण शुल्क को आधा कर दिया गया है। सभी प्रकार के लघु खनिजों में यह फैसला लागू होगा लेकिन बालू के  मामले में यह फैसला लागू नहीं होगा। कैबिनेट ने मंगलवार को कुल 14 एजेंडों को स्वीकृति प्रदान की। अपर मुख्य सचिव एसकेजी रहाटे ने संवाददाताओं को फैसलों की जानकारी दी। सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद केंद्रीय कर्मियों के अनुरूप सुविधाओं की मांग को लेकर राज्य कर्मी कई बार सरकार के सामने अपनी मांग रख चुके हैं और लगातार आंदोलनरत भी रहे है। 

अन्य महत्वपूर्ण फैसले 

-रांची स्थित नवनिर्मित राज्य योग केंद्र भवन के संचालन के लिए व्यक्ति विकास केंद्र, भारत के साथ एमओयू के प्रारूप को स्वीकृति दी गई।

-एमजीएम कॉलेज, जमशेदपुर तथा पाटलिपुत्र कॉलेज धनबाद के विभिन्न विभागों में सहायक प्राध्यापक से

सह प्राध्यापक तथा प्राध्यापक, सह प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक के पद पर दी गई प्रोन्नति की स्वीकृति।

-साहेबगंज अंचल में 0.115 एकड़ भूमि 1.76 लाख रुपये के भुगतान पर भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण को देने का निर्णय।

-साहेबगंज जिले के पतना में 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण की योजना के लिए

5.12 करोड़ की स्वीकृति।

-झारखंड राज्य बाल श्रमिक आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों के वेतन व भत्तों के भुगतान की अनुमति। 

By Babita