झुमरीतिलैया (कोडरमा), जासं। देशभर में कोयला संकट को देखते हुए पावर प्लांटों से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इससे झारखंड में बिजली संकट बढ़ गया है। इसे देखते हुए कोडरमा के रास्ते नई दिल्ली हावड़ा ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन पर कोयला लदी मालगाड़ियों को नॉनस्टॉप चलाया जा रहा है। कोयला लदी मालवाहक ट्रेनों को प्राथमिकता के आधार पर बिना रोके पावर प्लांटों पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए रेलवे मंत्रालय भी मॉनिटरिंग कर रहा है। मालूम हो कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद देशभर में ऑक्सीजन संकट जैसी स्थिति बनी थी और रेलवे ने ऑक्सीजन परिवहन के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया था।

उसी तर्ज पर नॉन स्टॉप कोयला परिवहन के लिए कॉरिडोर तैयार किया गया है, ताकि कोयला लोडेड एवं खाली रैक समय पर पावर प्लांट एवं लोडिंग प्वाइंट पर पहुंच सके। धनबाद रेल मंडल, बीसीसीएल के अलावा हजारीबाग टाउन बानादाह साइडिंग के लिए प्रतिदिन 95 से 100 रैक उपलब्ध करा रहा है। यह रैक लोड होकर झारखंड के कोडरमा डीवीसी के केटीपीएस, चंद्रपुरा, मैथन के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित कई अन्य राज्यों को कोयला की आपूर्ति कर रहा है। इसके लिए बिना रुके गंतव्य स्थानों के लिए पहुंचाई जा रही है, ताकि कोयले की आपूर्ति की वजह से पावर प्लांट प्रभावित न हो।

इधर धनबाद रेल मंडल के पारसनाथ, कोडरमा, पहाड़पुर गया रेलखंड में जरूरत के अनुसार ही कार्यों को करने की अनुमति दी गई है। पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार के अनुसार जहां पहले 3 से 4 घंटे ब्लॉक दिया जाता था, अब वहां एक से डेढ़ घंटे ही जरूरत के अनुसार ब्लाॅक दिया जा रहा है, ताकि माल गाड़ियों का परिचालन पर ब्रेक न लगे। वहीं गझंडी, पहाड़पुर, गुरपा के घाट सेक्शन के चढ़ाई वाले क्षेत्र जो कि जंगलों, पहाड़ों और घाटी से घिरा हुआ है, वहां एक अतिरिक्त इंजन रिजर्व रखा गया है। यहां अक्सर मालगाड़ी के इंजन फेल हो जाते हैं। इससे निपटने के लिए अतिरिक्त इंजन की व्यवस्था की गई है। कोडरमा से गया की ओर जाने वाली माल गाड़ियों में एक इंजन आगे और एक इंजन पीछे बैंकर के रूप में लगाया जा रहा है, ताकि लोड गाड़ी में समस्या उत्पन्न न हो।

Edited By: Kanchan Singh