रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand News झारखंड में समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत 65 हजार पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापकों) का बीमा होगा। उन्हें ग्रुप बीमा तथा दुर्घटना बीमा से जोड़ा जाएगा। ग्रुप बीमा में जीवन बीमा तथा सेवानिवृत्ति लाभ दोनों शामिल हैं। इससे पारा शिक्षकों को 60 वर्ष की सेवा पूरी करने पर उन्हें एकमुश्त राशि सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में मिलेगी ताकि उक्त राशि से वे आगे का जीवन ठीक ढंग से बसर कर सकें। सबसे बड़ी बात यह है कि इन सभी सुविधाओं का लाभ समग्र शिक्षा अभियान के तहत ही कार्यरत प्रखंड साधन सेवियों (बीआरपी) तथा संकुल साधन सेवियों (सीआरपी) के अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों व कर्मियों को भी मिलेगा।

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने ये सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए बीमा कंपनी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अबतक की तैयारी के अनुसार, पारा शिक्षकों एवं अन्य कर्मियों को पांच लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कराया जाएगा। दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रित को बीमा राशि का लाभ मिलेगा। इसमें दुर्घटना के बाद आंशिक या पूर्ण रूप से दिव्यांग होने पर भी बीमा राशि का प्रविधान किया गया है।

ग्रुप बीमा दस लाख रुपये तक का होगा। बीमा में प्रीमियम की राशि पारा शिक्षकों व अन्य कर्मियों की आयु के अनुसार होगी। बीमा कंपनी को प्रीमियम का भुगतान कल्याण कोष से किया जाएगा। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा इन सुविधाओं की निगरानी के लिए रिव्यू कमेटी गठित करने का भी निर्णय लिया है।

सांप काटने पर भी मिलेगा बीमा राशि का लाभ

दुर्घटना बीमा में सांप काटने को भी शामिल किया गया है। यदि किसी पारा शिक्षक की मृत्यु सांप काटने से होती है तो उसके आश्रित को अधिकतम पांच लाख रुपये तक बीमा राशि मिल सकेगी।

कितने पारा शिक्षक व कर्मी हैं किस आयु वर्ग के

  • 35 वर्ष से कम : 9,242
  • 35-45 वर्ष : 31,717
  • 46-44 वर्ष : 25,321
  • 55-60 वर्ष : 1,720

Edited By: Alok Shahi