झारखंड भाजपा को नई कमान, पहली बार राज्य में दो सह प्रभारी; प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा यूपी में दिखाएंगे जौहर
भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने खरगोन सांसद गजेंद्र पटेल को झारखंड भाजपा का प्रभारी नियुक्त किया है। पहली बार राज्य में ...और पढ़ें

बिहार की निवेदिता सिंह और छत्तीसगढ़ के सौरव सिंह सह प्रभारी के तौर पर करेंगे सहयोग।
HighLights
खरगोन सांसद गजेंद्र पटेल झारखंड भाजपा के नए प्रभारी बने।
निवेदिता सिंह और सौरव सिंह को दो सह-प्रभारी बनाया गया।
झारखंड के नेताओं को यूपी, बंगाल में भी मिली जिम्मेदारी।
राज्य ब्यूरो, रांची। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने देश भर में संगठन प्रभारियों की घोषणा करते हुए राष्ट्रीय महासचिव और खरगोन के सांसद गजेंद्र सिंह पटेल को झारखंड की जिम्मेदारी दी है। पहली बार झारखंड में राष्ट्रीय नेतृत्व ने दो संगठन सह प्रभारी बनाए हैं।
बिहार भाजपा की निवेदिता सिंह और छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक सौरव सिंह को सह प्रभारी बनाया गया है। झारखंड भाजपा के पूर्व पदाधिकारी और अब राष्ट्रीय मंत्री प्रदीप वर्मा को उत्तर प्रदेश का सह प्रभारी बनाया गया है। राजमहल के पूर्व विधायक अनंत ओझा को भी पार्टी ने उत्तर प्रदेश भाजपा का सह प्रभारी बनाया है।
इसके अलावा झारखंड भाजपा के पूर्व संगठन महामंत्री रहे राजेंद्र सिंह को बंगाल का सह प्रभारी बनाया गया है। प्रदेश भाजपा अब अपने नए संगठन प्रभारियों के आने पर कार्यक्रम तय करने की तैयारी में है।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने नव नियुक्त संगठन प्रभारियों को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं का अनुभव झारखंड में भाजपा को मजबूत बनाएगा। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने भी संगठन प्रभारियों को बधाई एवं शुभकामना दी है।
आदिवासी नेता को संगठन प्रभारी बनाया
गजेंद्र सिंह पटेल मध्यप्रदेश के खरगोन सुरक्षित सीट से लोकसभा के सांसद हैं। आदिवासी समाज में पकड़ और भाजपा संगठन की बेहतर समझ की वजह से इन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी टीम में महासचिव बनाया है। पूर्व में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता रहे गजेंद्र सिंह पटेल मध्यप्रदेश में भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
वनवासी कल्याण आश्रम जैसे संगठनों से जुड़े रहे गजेंद्र पटेल की संगठन प्रभारी के तौर पर झारखंड में महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक सौरव सिंह अभी वहां खनिज विकास निगम के अध्यक्ष हैं।
झारखंड का पड़ोसी राज्य होने की वजह से यहां की सांस्कृतिक और राजनीतिक स्थिति पर सहजता से काम करने की दृष्टि से भाजपा ने उनकी नियुक्ति की है।
