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JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते गिरफ्तार, झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच CID का बड़ा एक्शन

By Mansi KumariEdited By: Mansi Kumari
Published: Mon, 10 Aug 2026 02:32 PM (IST)Updated: Mon, 10 Aug 2026 03:54 PM (IST)

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को सीआईडी ने एक मामले में गिरफ्तार कर लिया है। ...और पढ़ें

HighLights

  1. JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते गिरफ्तार।

  2. सीआईडी ने JPSC से जुड़े मामले में की कार्रवाई।

जागरण संवाददाता, रांची। JPSC की परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद सीआईडी की टीम उन्हें अपने कार्यालय लेकर गई है। बताया जा रहा है कि पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें शाम में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

बता दें कि, एल. खियांगते से CID पहले ही कई दौर की पूछताछ कर चुकी थी। 28 जुलाई से शुरू हुई पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी ने उनसे कई सवाल किए थे.

सीआईडी का शिकंजा और समन

बता दें कि, जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा और अन्य परीक्षाओं के संचालन में बड़े पैमाने पर धांधली, ओएमआर शीट में छेड़छाड़ और अयोग्य अभ्यर्थियों को पास कराने के आरोपों की जांच सीआईडी कर रही है।

इसी सिलसिले में सीआईडी ने आयोग की इन तीनों महिला व पुरुष सदस्यों (डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद) को अलग-अलग तारीखों पर पूछताछ के लिए बुलाया था।

चेयरमैन का पहले ही हो चुका है इस्तीफा

इससे पहले, जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते के कार्यालय व आवास पर सीआईडी की छापेमारी के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया था। 

एल. खियांगते ने काम देने के बदले दो करोड़ रुपये में किया था सौदा

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता की जांच कर रही सीआईडी को अब तक की छानबीन में कई अहम जानकारियां मिली है। जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित करने की जिम्मेदारी जिस मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) को दी गई थी उसमें रिश्वत और कमीशन का बड़ा खेल हुआ था।

टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी के अनुसार टीडीपीएल को ठेका दिलाने के एवज में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष सह झारखंड सरकार के पूर्व मुख्य सचिव सेवानिवृत आइएएस अधिकारी एल. खियांगते ने दो करोड़ रुपये में सौदा किया था।

इतना ही नहीं उन्होंने टीडीपीएल को इस शर्त के साथ परीक्षा संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी थी की एजेंसी को सभी भुगतान के एवज में 20 प्रतिशत का कमीशन भी देना होगा। यह पूरा खुलासा टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी ने सीआइडी के सामने अपनी स्वीकारोक्ति बयान में किया है। 

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