रांची, राब्यू। अब राज्य में शिक्षकों की होनेवाली नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों को झारखंड के मान्यता प्राप्त सरकारी या निजी शैक्षणिक संस्थानों से दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। हालांकि यह अनिवार्यता सिर्फ अनारक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए लागू होगी। आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को इससे छूट मिलेगी। राज्य के शैक्षणिक संस्थानों से दसवीं तथा बारहवीं करने की अनिवार्यता सभी प्रकार के स्कूलों में होनेवाली नियुक्ति में अनिवार्य होगी। इनमें प्राथमिक स्कूलों, उच्च प्राथमिक स्कूलों, माध्यमिक स्कूलों तथा प्लस टू स्कूलों में शिक्षकों की होनेवाली नियुक्ति शामिल है। साथ ही कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों तथा माडल स्कूलों में होनेवाली स्थायी शिक्षकों की होनेवाली नियुक्ति में भी यह प्रविधान लागू होगा।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग कार्मिक विभाग के निर्देश पर पूर्व से लागू नियुक्ति नियमावलियों में यह प्रविधान करते हुए उनमें संशोधन कर रहा है। साथ ही पहली बार बन रही नियुक्ति नियमावलियों में भी यह प्रविधान किया जा रहा है। बता दें कि राज्य सरकार ने तृतीय व चतुर्थ श्रेणी में नियुक्ति के लिए झारखंड से मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया है। आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए इस अनिवार्यता को शिथिल किया गया है। अभ्यर्थियों के लिए स्थानीय रीति रिवाज, भाषा एवं परिवेश की जानकारी अनिवार्य की गई है।

अनुबंध पारा मेडिकल कर्मियों को झारखंड से दसवीं, बारहवीं उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता से मिलेगी छूट

राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत पारा मेडिकल कर्मियों की होनेवाली नियुक्ति में अनारक्षित श्रेणी के वैसे अभ्यर्थियों को झारखंड के शैक्षणिक संस्थानों से दसवीं तथा बारहवीं उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता से छूट मिल सकती है जो राज्य सरकार के अधीन पूर्व से अनुबंध पर कार्य कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर प्रस्ताव तैयार किया है। दरअसल, पारा मेडिकल कर्मियों की नियुक्ति में अनुबंध पर कार्य करनेवाले पारा मेडिकल कर्मियों को वेटेज देने का प्रविधान किया गया है।

राज्य के बाहर पढ़ाई करनेवाले अनारक्षित श्रेणी के अनुबंध कर्मी नियुक्ति से वंचित न हों, इसके लिए इस छूट को जरूरी बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग पारा मेडिकल कर्मियों की नियुक्ति को लेकर नियमावली में संशोधन कर रहा है। इसमें संशोधन होने से लगभग 15 हजार पदों पर होनेवाली नियुक्ति का रास्ता साफ हो जाएगा। इनमें बड़ी संख्या में एएनएम के पद भी शामिल हैं। बता दें कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने नियमावली में संशोधन को लेकर ही एएनएम के पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाने के बाद इस प्रतियोगिता परीक्षा को रद कर दी थी।

Edited By: Kanchan Singh