पलामू/लातेहार, जागरण टीम। Thunderstorms Death In Jharkhand झारखंड में शनिवार को हुई वज्रपात की घटना में पलामू और लातेहार जिले में पांच लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन किशोरों के अलावा पति-पत्नी शामिल हैं, जबकि एक बच्ची की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पहली घटना पलामू जिले के नवडीहा बाजार की है। वर्षा से बचने के लिए चराय टु पंचायत के खड़ार गांव के तीन किशोर कटहल के पेड़ के नीचे खड़े थे कि वज्रपात की घटना में मौके पर ही तीनों की मौत हो गई। मृतकों में 14 वर्षीय विकास कुमार, 13 वर्षीय संजय कुमार और 10 वर्षीय अनिल कुमार शामिल है। वहीं, प्रमेद कुमार की चार वर्षीया पुत्री चानू कुमारी गंभीर रूप से घायल है।

धान की रोपनी कर रहे थे पति व पत्नी

इधर, लातेहार के सदर थाना क्षेत्र की पेशरार पंचायत के होसीर टोला के गोरीखांड़ में शनिवार की दोपहर वज्रपात से पति-पत्नी की मौत हो गई। मृतक की पहचान होसीर टोला के गोरीखांड़ निवासी जगलाल उरांव व उसकी पत्नी सविता देवी के रूप में की गई। दंपती खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। इसी दौरान वज्रपात होने से दोनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

वज्रपात के लिए झारखंड सबसे खतरनाक

मालूम हो कि झारखंड एक ऐसा राज्य है जहां वज्रपात की घटनाएं ज्यादा होती हैं। यहां वज्रपात से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो जाती है। झारखंड सरकार की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में वर्ष 2021 से 2022 अबतक करीब 4.40 लाख से अधिक बार वज्रपात की घटनाएं हो चुकी हैं। इस दौरान लगभग 322 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मरने वाले लोगों में सबसे ज्यादा 96 प्रतिशत लोग गांव के थे। इसी तरह वज्रपात से मरने वाले लोगों में 66 प्रतिशत पुरुष, जबकि 32 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। इनमें 62 प्रतिशत लोग वयस्क थे। वहीं 38 प्रतिशत बच्चे शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, मृतकाें में 77 प्रतिशत लोग किसान हैं। 23 प्रतिशत लोग ही ऐसे थे जो खेती किसानी से वास्ता नहीं रखते थे।

झारखंड के गुमला में सबसे अधिक घटनाएं

झारखंड सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के गुमला जिले में सबसे अधिक वज्रपात की घटनाएं होती हैं। यहां का भौगोलिक बनावट इसके लिए कारण माना जाता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि गुमला जिले में वर्ष 2018 से 2021 तक लगभग 89 लोगों की मौत हुई। वहीं, गुमला जिले के बाद पलामू जिले का नंबर आता है। यहां इस दौरान लगभग 85 लोगों की मौत हो चुकी है। झारखंड के कोडरमा जिले में वज्रपात से सबसे कम मौत होती है। यहां वज्रपात की घटनाएं दूसरे राज्यों की तुलना में कम होती हैं।

Edited By: M Ekhlaque