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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

झारखंड हाई कोर्ट ने निर्वाचन पदाधिकारी पर लगाया 5 हजार का जुर्माना, BJP प्रत्याशी ने दाखिल की थी याचिका

Published: Mon, 28 Jul 2025 02:22 PM (IST)

रांची हाई कोर्ट में कांके विधायक सुरेश बैठा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने निर्वाचन पदाधिकारी पर लगाया जुर्माना |
  2. सुरेश बैठा के निर्वाचन को चुनौती |
  3. मतों के पुन सत्यापन की मांग |

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत में कांके के कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई।

सुनवाई के बाद अदालत ने रांची के जिला निर्वाचन पदाधिकारी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने कहा कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी सुनवाई में देरी करने के लिए इस तरह का आवेदन दे रहे हैं।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से याचिका दाखिल कर उन्हें इस मामले से अलग करने का आग्रह किया था। सुरेश बैठा के निर्वाचन को भाजपा उम्मीदवार जीतू चरण राम ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सुरेश बैठा ने भाजपा के जीतू चरण राम को 968 मतों से पराजित किया था। जीतू चरण राम ने अपनी याचिका में कांके विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की कई बूथ से मतों का पुनः सत्यापन व मतगणना कराने का आग्रह किया है।

समय से पहले रोक दिया था मतदान

उनका कहना है कि बहुत सारे बूथ ऐसे थे, जहां निर्धारित समय से पहले मतदान रोक दिया यदि पूरे समय तक मतदान होता, तो वह जीत जाते। बुढ़मू व खलारी के 16 बूथों का इवीएम मुरूपीड़ी में रात में रोक लिया गया था, जबकि 13 नवंबर को ही उसे पंडरा स्थित स्ट्रांग रूम में जमा हो जाना चाहिए था।

पूर्व के सभी चुनावों और वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के समय भी ईवीएम मतदान के बाद उसी दिन स्ट्रांग रूम में जमा किया गया था। 3940 पोस्टल बैलेट की गिनती में कोई पारदर्शिता नहीं थी। इसमें 500 वोट से उन्हें पीछे दिखाया गया है। बिना कारण के सैकड़ों पोस्टल बैलेट रद कर दिया गया।