रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में गिरिडीह की एक लापता युवती की गायब होने के मामले को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने 11 साल बाद भी युवती का पता नहीं चलने पर गिरिडीह एसपी को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि 11 साल में आठ आइपीएस अधिकारी आए और गए लेकिन यह मामला अभी तक नहीं सुलझाया जा सका। अदालत ने एसपी को एक माह के अंदर हर हाल में युवती का पता लगाने का निर्देश दिया है।

एसपी कोर्ट में संतोषजन जवाब नहीं दिए

अदालत ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो कोर्ट सख्त आदेश पारित करेगी। इस मामले में गवाहों का कहना है कि युवती भाग गई है। इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस अभी तक इस मामले में कुछ भी पता नहीं कर पाई है। इसके अलावा युवती की मां की भी हत्या हो गई है। इस दौरान गिरिडीह के एसपी कोर्ट में पेश हुए थे। अदालत ने उनसे पूछा कि अभी तक युवती का पता क्यों नहीं चल पाया है। इस पर उनकी ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई।

सभी एसपी के पुरस्कार की सूची भी तलब

अदालत ने पुलिस की कार्यशैली टिप्पणी करते हुए कहा कि घटना से लेकर अब तक पदस्थापित एसपी को किसी प्रकार का पुरस्कार मिला है, तो कोर्ट उसे वापस करने का आदेश पारित कर सकती है। अदालत ने पुरस्कार से संबंधित जानकारी भी कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि यह गंभीर मामला है कि 11 साल बाद भी युवती का पता नहीं लगाया जा सका है। बड़े लोगों के मामलों को जल्द सुलझा लिया जाता है। लेकिन छोटे मामलों में पुलिस कुछ नहीं कर पाती है। अदालत ने किसी भी हाल में एक माह के अंदर युवती को वापस लाने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।

कोर्ट ने मामले में नियुक्त किया है न्याय मित्र

अदालत ने इस मामले में अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा को न्याय मित्र नियुक्ति किया है। इस संबंध में युवती के मामा बोधी पंडित ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। बता दें कि युवती के परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट 2011 में दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस आज तक युवती का पता नहीं लगा सकी है। युवती के परिजनों ने इस संबंध में जिलों के सभी वरीय अधिकारियों से गुहार लगायी, लेकिन सुराग नहीं मिल सका। इस बीच युवती की मां की भी हत्या हो गई।

Edited By: M Ekhlaque