रांची, जेएनएन। वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ाई के लिए हर मोर्चे पर युद्धस्तर की तैयारी है। संक्रमण से निपटना पहली चुनौती तो घरों में कैद लोगों तक जरूरी सामान पहुंचे इसकी भी चिंता। झारखंड में जिला उपायुक्तों ने अपनी अनूठी योजनाओं से इस समस्या का समाधान निकालने की पहल की है। कहीं सस्ती दर पर सैनिटाइजर व मास्क उपलब्ध कराए जा रहे तो कहीं इस आपात स्थिति से निपटने के लिए होटलों को अस्पताल में बदलने की योजना है।

एक फोन कॉल पर जरूरी सामान घर पहुंच जाने से अब लोगों में राशन और जरूरी सामान की चिंता कम हुई है। अब वे सही मायने में लॉकडाउन का पालन कर रहे। झारखंड में अब तक कोरोना का कोई केस सामने नहीं आया है। इन योद्धाओं का प्रयास उनमें से एक वजह हो सकती है जिस वजह से कोरोना झारखंड की सरहद में प्रवेश नहीं कर पाया है।

कम कीमत पर सैनिटाइजर व मास्क

कोराना के संक्रमण से बचने के लिए दो अहम वस्तु हैं, सैनिटाइजर और मास्क। रांची के लोगों ने जब इसके लिए आपाधापी शुरू की और बाजार में इसकी किल्लत शुरू हुई तो रांची उपायुक्त राय महिमापत रे ने इसके लिए कमर कसी। कुछ संस्थाओं और सखी मंडल को इस काम में लगाया। पिछले तीन दिनों से रांची के लोगों को महज 20 रुपये में 100 एमएल सैनिटाइजर उपलब्ध है। मास्क भी 10 रुपये में। उपायुक्त ने शहर के प्रमुख प्रतिष्ठानों और व्यापारियों के सहयोग से एक नंबर उपलब्ध कराया है। नंबर पर लोग अपनी जरूरत की लिस्ट दे रहे, घर में सामान पहुंच रहा।

प्रतिदिन 10 हजार मास्क बंटवा रहे

गोड्डा डीसी सुनील कुमार की ओर से महिला समूहों की सहायता से प्रतिदिन 10 हजार मास्क बनाकर बांटने का निर्णय लिया गया है। गुरुवार को पांच हजार मास्क सदर अस्पताल प्रबंधन को उपलब्ध कराया गया। वहीं नीति आयोग कोषांग की देखरेख में हैंड सैनिटाइजर बनाकर भी लोगों को मुहैया कराया जा रहा है। जिले में बाहर से आने वाले मजदूरों की जांच के लिए 14 अलग-अलग सर्विलांस टीमें सक्रिय हैं। इसके अलावा सोशल कारपोरेट रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) मद से सदर प्रखंड के सिकटिया स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में 10 बेड वाले आइसोलेशन वार्ड तैयार है।

होटल बनेंगे आइसोलेशन सेंटर

जामताड़ा के उपायुक्त गणेश कुमार की पहल पर आबादी से दूर सात होटलों को आइसोलेशन सेंटर में तब्दील किया जाएगा। होटल मालिकों से इस संबंध में बात चल रही है, अगर वे तैयार नहीं हुए तो जबरन उन्हें अधिगृहित किया जाएगा। उपायुक्त ने ऐसे सात होटलों को चिहिन्त भी किया है।

होटल में यह केंद्र बनाने का मकसद यह है कि संदिग्ध को महसूस नहीं हो कि वह बीमार है। होटल कर्मचारियों को भी कोरोना से बचाव के लिए प्रशिक्षित भी करने की रणनीति बनी है। इसी तरह बोकारो जिले के उपायुक्त मुकेश कुमार ने क्वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए जिले के सभी अतिथिगृह को अधिगृहित कर लिया है।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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