रांची, जासं। रविवार को मेला अपने चरम पर था। एक लाख से अधिक लोग रात के नौ बजे तक मेला परिसर में पहुंच चुके थे। अवकाश का दिन होने के बाद भी सड़क पर जाम की स्थिति थी। मेले का आलम यह था कि 11 बजे से ही लोग पहुंचने लगे थे। दिन में भगवान सूर्य की कृपा बरस रही थी। लोग कहीं खरीदारी का आनंद ले रहे कहीं अलग-अलग स्टालों पर व्यंजनों का मजा ले रहे थे।

बच्चे मिकी हाउस में खूब उछल-कूद कर रहे थे। ढलते सूरज के साथ भीड़ बढ़ रही थी और जब कनकनी शुरू हुई तो मुख्य मंच पर फैशन का तड़का लगा। बालाएं ठंड में मंच पर कैटवॉक कर रही थीं। खादी का प्रमोशन। अब खादी युवाओं की पसंद बनती जा रही है। खादी के प्रति लोगों की दीवानगी बढ़ी है। यह इस बात से भी पता चलता है कि चार सालों में खादी की बिक्री में तीन गुना का इजाफा हुआ है।

सफाईकर्मियों को बांटा गया जैकेट : रविवार को चार बजे बोर्ड के अध्यक्ष संजय सेठ ने मेले में कार्यरत पचास महिला सफाईकर्मियों को जैकेट दी। दो दिन पहले सीएम ने घोषणा की थी। जॉकेट पाकर चेहरे पर खुशी साफ दिख रही थी। इस मौके पर बोर्ड के सलाहकार डॉ एसडी सिंह, कंवलजीत सिंह संटी, संजीव साहू भी मौजूद थे।

बैंड के साथ मस्ती : इसके बाद से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हो गया। उत्तराखंड का नृत्य सबने देखा-सराहा। इसके बाद बैटल आफ बैंड की प्रस्तुति हुई। अपनी प्रस्तुति से खूब वाहवाही बटोरी। झारखंडी कलाकारों ने भी कार्यक्रम पेश किया। मेले में प्रेप से तीसरे क्लास के बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया, जो आर्ट एंड क्राफ्ट प्रतियोगिता में भाग लिए थे। पद्मश्री मुकुंद नायक भी नागपुरी नृत्य से खूब झुमाया।

खादी की 18 संस्थाओं के स्टाल: मेले में वैसे तो देश भर से खादी की संस्थाएं आई हैं, लेकिन राज्य की 18 संस्थाओं का भी यहां स्टाल लगा हुआ है। कोल्हान, चाइबासा, तिरिल आश्रम से लेकर अन्य संस्थाएं। यहां खादी के कपड़े, ऊलने और ग्रामोद्योग का सामान मिल रहा है। 20 से 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

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