सिमडेगा, जागरण संवाददाता। जिले में कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई कार्ययोजनाओं व कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। जिससे कि जिले के कृषक सालों भर खेती कर अपनी आमदनी को दोगुना कर सकें। साथ ही अपने जीवन स्तर को ऊंचा कर सकें। जिले के डीसी सुशांत गौरव के निर्देशन में हाल ही में कांसजोर डैम के नहर के कमांड एरिया का सर्वे किया गया है। पिछले दिनों अधिकारियों की टीम तामड़ा पंचायत के कोनसेरा, कामतरा, तामडा आदि गांवों में नहर किनारे की भूमि का सर्वे करना शुरू किया है।नहर किनारे की भूमि से धान फसल लेने के बाद ग्रामीण पूरी जमीन को परती छोड देता हैं। इन सभी भूमि पर मल्टीपल क्राॅप कराने की तैयारी में सर्वे कर सिंचाई के विकास की एक ब्लुप्रिंट तैयार करेगी।लोगों को उचित सुविधा देकर विभिन्न प्रकार की खेती कराई जाएगी।

दो प्रखंडों के 37 गांव होंगे लाभान्वित

सिमडेगा जिला प्रशासन की पहल से पाकरटांड़ और सिमडेगा प्रखंड के 37 गांवों के दिन अब बहुरेंगे। 37 गांवों की जमीन हरियाली से युक्त होगी। कांसजोर जलाशय के बांयी तरफ मुख्य कैनाल 17.58 किलोमीटर तथा दांयी तरफ मुख्य कैनाल 6. 6 किलोमीटर लंबी है।इससे पाकरटांड़ के 26 गांव माझाटोली,पाकरटांड, पोचेयर टोली, जोरोटोली, जामटोली, भोक्ताटोली, सानटोली, चिनयारटोली, करजिटांड, ठेठईटागंर, तुआटोली, खेवनटोली, कोबांग, चामरूटोली, बेरीटोली, टेकरा, नवाटोली, गिराघाघ, सैंडिह, महुआटोली, सोगडा, चोगोटोली, सिकरियाटांड, रासाटोली, गुडगुडटोली, और तुमगा के किसानों को पानी मिलेगा। वहीं इन कैनालों से सिमडेगा प्रखंड के चिकसुरा, तामडा, बुढीकुटैन, कुम्हारटोली, टाभाडीह, केतारटोली, करमटोली, महुआटोली, कोनसेरा और कामतरा के किसानों को पानी मिलेगा।दोनों प्रखंड के करीब 3913 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी।

तालाबों को किया जाएगा पुनर्जीवित

सिमडेगा अनुमंडल पदाधिकारी महेन्द्र कुमार ने बताए कि कांसजोर जलाशय के कमांड क्षेत्र के सभी जलाशय और छोटे पाउंड को नहर के साथ मिला एक वृहत सिंचाई व्यवस्था देने का प्रोग्राम है, जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र की सभी जमीन सालों भर खेती हो सके। हिट रही राइस बाउल योजनासिमडेगा:जिले में राइस बाउल की योजना हिट रही है।जिले में गत वर्ष कुरडेग क्षेत्रमें विशेष रूप से सुगंधित चावल की खेती शुरू की गई थी।यहां धान मिल स्थापितकी गई है।जहां चावल की पैकेजिंग कर उसकी ब्रांडिंग भी की जाएगी।इस योजनासे स्थानीय किसानों के समूह को भी जोड़ा गया है।

केंद्रीय मंत्री व सचिव ने दिया था सुझाव

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा व हाल ही में सिमडेगा दौरे पर आए जल संसाधनविभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने भी कांसजोर नहर के कमांड एरिया में सालों भरखेती कराने का सुझाव दिया था।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांसजोर नहर क्षेत्र विशेषकर सब्जी खेती का हब बन सकता है।

Edited By: Madhukar Kumar