गढ़वा, जासं। प्रचलित कहावत है- नीम हकीम, खतरा ए जान। इन दिनों गढ़वा शहर में यह खूब चरितार्थ हो रही है। फर्जी चिकित्सकों के एक से एक कारनामे सामने आ रहे हैं। एक मामला ठंढा पड़ता नहीं है कि दूसरा सामने आ जाता है। नामी गिरामी चिकित्सकों का नाम देकर निजी अस्पताल संचालक रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं, लेकिन इलाज फर्जी चिकित्सकों द्वारा ही किया जाता है। भोले भाले मरीज ऐसे फर्जी चिकित्सकों का शिकार बनते हैं। इलाज के नाम पर उनका आर्थिक दोहन तो होता ही है, मरीजों की जान तक चली जाती है।

इन दिनों शहर के कचहरी रोड में संचालित लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल का मामला चर्चा में है। उक्त हॉस्पिटल के कथित चिकित्सक अभितेश केशरी ने खरौंधी प्रखंड के सिसरी गांव की सविता देवी को बच्चेदानी में सूजन बताकर आपरेशन कर दिया। लेकिन ऑपरेशन करने में चिकित्सकीय गड़बड़ी के कारण महिला की हालत गंभीर हो गई। सविता देवी अब जीवन व मौत से जूझ रही है।

मंगलवार को उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था। यहां चिकित्सक ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रांची के रिम्स रेफर कर दिया है। इस संबंध में सविता देवी के पति अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि वह जुलाई 2021 के पहले सप्ताह में सविता देवी को लेकर सदर अस्पताल आया था। उसे पेट में लगातार दर्द की शिकायत थी। सदर अस्पताल में एक व्यक्ति ने उसे लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल में बेहतर इलाज की व्यवस्था का भरोसा देकर वहां ले गया।

अशोक की मानें तो वहां ओपीडी में मौजूद डॉ. अभितेश केशरी ने उसका इलाज किया तथा एक सप्ताह बाद आने को कहा। लेकिन वे लोग एक पखवारे के बाद वहां आए, तो डॉ. अभितेश ने सविता देवी का अल्ट्रासाउंड कराकर बताया कि बच्चेदानी में सूजन है, ऑपरेशन कर बच्चेदानी निकालना पड़ेगा। इसमें 20 हजार रुपये खर्च आएंगे। 24 जुलाई को 20 हजार रुपये हॉस्पिटल प्रबंधन के पास जमा कराने के बाद सविता देवी के बच्चेदानी का आपरेशन कर दिया गया।

उसे 19 सितंबर तक लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल में भर्ती कर रखा गया तथा इलाज के नाम पर करीब 40 हजार रुपये ले लिए गए। लेकिन मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ। अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि सिविल सर्जन तथा उपायुक्त को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग करेंगे। इधर, लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल के संचालक सह कथित चिकित्सक अभितेश केशरी से उनके मोबाइल नंबर 9661393169 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

'अभी तक किसी ने सविता देवी के मामले में आवेदन नहीं दिया है। आवेदन मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।' -डॉ. कमलेश कुमार, सिविल सर्जन, गढ़वा।

Edited By: Sujeet Kumar Suman