संवाद सूत्र, काके : काके विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे रामचंद्र बैठा का बुधवार रात्रि 12: 40 बजे हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया। वे 65 वर्ष के थे। उन्होंने काके विधानसभा सुरक्षित सीट से भाजपा के टिकट पर 1990, 1995, 2005 एवं 2014 में चुनाव जीत था। 2019 के चुनाव में भाजपा से समरी लाल को टिकट दिया गया था। लेकिन समरीलाल के जाति प्रमाण की शिकायत की याचिका को चुनाव आयोग में दिए जाने पर भाजपा ने विकल्प के तौर पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में रामचंद्र बैठा का पर्चा भरवाया था। बाद में इन्होंने नाम वापस ले लिया था।

उनकी आकस्मिक मृत्यु से पूरे भाजपा परिवार एवं काके क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सुबह होते ही सुकुरहुटू स्थित आवास पर उनके पार्थिव शरीर के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी। परिवार वालों ने बताया कि बुधवार रात्रि लगभग 11:30 बजे के आसपास उनके सीने में अचानक दर्द और बेचैनी होने लगी। तब उन्हें ऑर्किड अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अस्पताल पंहुचने से पहले ही उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। ऑर्किड पंहुचने पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

लेते थे बीपी की दवा : परिवार वालों ने बताया कि रामचंद्र बैठा पूरी तरह स्वस्थ थे। ब्लड प्रेशर की समस्या थी। हमेशा ब्लड प्रेशर की दवाई लेते थे।

सुकुरहुटु में हुआ अंतिम संस्कार : अंतिम दर्शन के लिए भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य साहू, काके के वर्तमान विधायक समरी लाल, राची काग्रेस जिला ग्रामीण जिलाध्यक्ष सुरेश बैठा, भाजपा प्रदेश के नसीब लाल महतो, हरिनाथ साहू, मनोज कुमार बाजपेई, अमरनाथ चौधरी, गिरजा शकर पाडेय, सोनू कुमार, प्रभात भूषण सहित क्षेत्र के कई वरिष्ठ समाजसेवी एवं विभिन्न दलों से नेता पंहुचे। शव यात्रा उनके पैतृक आवास सुकुरहुट्टू से सुबह 11:30 बजे निकाली गई। सुकुरहुटु जुमार नदी मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया। जहा उनके छोटे पुत्र चंदन बैठा ने मुखाग्नि दी ।

Posted By: Jagran

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