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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शराब घोटाला: एसीबी जांच में ईडी ने मारी एंट्री, विनय चौबे और गजेंद्र सिंह पर कसेगी शिकंजा

Published: Tue, 27 May 2025 11:56 AM (GMT+05:30)

उत्पाद विभाग के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे और गजेंद्र सिंह के खिलाफ एसीबी में दर्ज भ्रष्टाचार के मामले ...और पढ़ें

खबर की प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
खबर की प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

HighLights

  1. ईडी ने चौबे और सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया
  2. अयोग्य एजेंसियों को ठेका देने का आरोप
  3. 38 करोड़ के राजस्व नुकसान का मामला

राज्य ब्यूरो, रांची। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव सह झारखंड राज्य विबरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) के तत्कालीन महाप्रबंधक विनय कुमार चौबे तथा संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) झारखंड में दर्ज केस को ईडी ने ले लिया है।

गत 20 मई 2025 को एसीबी रांची थाना कांड संख्या 09/2025 में दर्ज प्राथमिकी में उपरोक्त दोनों ही अधिकारियों सहित पांच आरोपितों को एसीबी ने जेल भेजा है।

इस केस को अब ईडी ने लेते हुए आईएएस विनय कुमार चौबे व गजेंद्र सिंह तथा अन्य पर गत वर्ष मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दर्ज इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) में जोड़ दिया है।

अब जेल जाने वाले सभी अधिकारियों व कर्मियों को रिमांड पर लेकर ईडी भी पीएमएल अधिनियम में मिली शक्तियों के तहत बयान लेगी।

छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित आर्थिक अपराध इकाई (ईओडब्ल्यू) थाना में सात सितंबर 2024 को प्राथमिकी दर्ज की थी।

इसमें उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे, संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह व अन्य के अलावा छत्तीसगढ़ के अधिकारियों अनिल टुटेजा, अरुणपति त्रिपाठी, कारोबारी अनवर ढेबर, प्लेसमेंट एजेंसी सुमित फैसिलिटीज व अन्य को आरोपित बनाया गया था।

इस केस में ईडी ने ईसीआईआर दर्ज किया था। इसके बाद 29 अक्टूबर 2024 को ईडी ने विनय चौबे, गजेंद्र सिंह के ठिकानों सहित सभी आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह छापेमारी झारखंड व छत्तीसगढ़ के अधिकारियों से जुड़े 15 ठिकानों पर हुई थी।

इसमें वर्तमान उत्पाद नीति से संबंधित दस्तावेज व अधिकारियों के मोबाइल सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए गए थे। ईडी इस केस में मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही है। अब एसीबी रांची थाने में 20 मई 2025 को दर्ज केस को भी ईडी ने अपने उक्त केस में ही जोड़ दिया है।

उक्त केस भी रायपुर वाले केस के मामले में ही एसीबी ने पीई दर्ज कर विनय चौबे व गजेंद्र सिंह तथा अन्य के विरुद्ध लगे आरोपों को सत्य पाते हुए एफआईआर कर दिया था।

विनय चौबे, गजेंद्र सिंह व अन्य अधिकारियों पर आरोप है कि उनलोगों ने पद का दुरुपयोग कर एक साजिश के तहत अयोग्य प्लेसमेंट एजेंसियों को ठेका दिया और झारखंड सरकार को 38 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया। अब ईडी इस केस में अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए भ्रष्टाचार की तह खंगालेगी।

धनंजय, उमाशंकर, क्षितिज, विनय व उपेंद्र को नोटिस भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत जांच के क्रम में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) रांची ने उत्पाद विभाग के अधिकारियों सहित पांच को नोटिस भेजा है।

जिन्हें नोटिस भेजा गया है उनमें उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के धनंजय कुमार, उमाशंकर सिंह के अलावा क्षितिज त्रिवेदी, विनय कुमार सिंह व उपेंद्र शर्मा शामिल हैं। एसीबी इनसे विभाग में 38 करोड़ रुपये के राजस्व घोटाला मामले में पूछताछ करेगी।