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CCL में रिश्वतखोरी पर ED का शिकंजा: कोयला ढुलाई के बदले लिए लाखों, जांच में खुला मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क

Published: Fri, 27 Mar 2026 08:07 PM (IST)Updated: Sat, 28 Mar 2026 01:58 PM (IST)

ईडी ने रांची की विशेष अदालत में सीसीएल के सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, उनकी पत्नी पूनम देवी, ...और पढ़ें

सीसीएल अधिकारी रिश्वतखोरी मामले में ईडी ने चार के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट।

सीसीएल अधिकारी रिश्वतखोरी मामले में ईडी ने चार के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट।

HighLights

  1. सीसीएल अधिकारी समेत चार पर चार्जशीट दाखिल की।

  2. अवैध कोयला परिवहन के लिए रिश्वत लेने का आरोप है।

  3. ईडी ने 9.46 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।

राज्य ब्यूरो, रांची। रिश्वतखोरी मामले में ईडी ने 26 मार्च को रांची स्थित ईडी की विशेष अदालत में सीसीएल के अधिकारी सहित चार के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की है।

जिनके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें सीसीएल के सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, उनकी पत्नी पूनम देवी, उनके छोटे भाई गोपाल कुमार व एक निजी ट्रांसपोर्टर राहुल कुमार शामिल हैं।

ईडी ने सीबीआइ की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा रांची में दर्ज प्राथमिकी व उसके बाद 19 दिसंबर 2025 को दाखिल चार्जशीट के आधार पर इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज की थी।

पूरा मामला आपराधिक साजिश, रिश्वतखोरी आदि से संबंधित है। इसका मूल अपराध सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक संजीव कुमार सिंह से संबंधित है। वे सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के भुरकुंडा प्रशिक्षण संस्थान में सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक के पद पर तैनात थे और बड़का सयाल क्षेत्र के एरिया सुरक्षा प्रभारी के रूप में कार्यरत थे।

आरोप है कि उन्होंने अपनी अधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग करते हुए सीसीएल के बड़का सयाल क्षेत्र में आने वाली कोयला खदानों से कोयला परिवहन में लगे निजी व्यक्तियों से अवैध तरीके से मौद्रिक लाभ प्राप्त किया।

ईडी ने जो जांच में पाया

जांच में पाया कि सुरक्षा प्रभारी संजीव कुमार सिंह ने निजी कोयला ट्रांसपोर्टर राहुल कुमार से पांच लाख रुपये की अवैध राशि रिश्वत में प्राप्त की थी। राहुल कुमार के भारी मालवाहक वाहन सीसीएल की खदानों से कोयला परिवहन में लगाए गए थे।

रिश्वत के पांच लाख रुपये संजीव कुमार सिंह की पत्नी पूनम देवी के एक्सिस बैंक के खाते में जमा हुए थे। ईडी ने जांच में पाया कि यह भुगतान संजीव कुमार सिंह के क्षेत्र के भीतर कोयला परिवहन से संबंधित मामलों में अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले किया गया था।

इसके अलावा पूनम देवी के खाते में लगभग 4.46 लाख रुपये की अघोषित नकदी भी जमा मिली थी। इसके स्रोत के बारे में पूछने पर उन्होंने कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया।

पूनम देवी ने जान-बूझकर अपने बैंक खाते का इस्तेमाल अपराध से प्राप्त धन को जमा करने के लिए होने दिया। इसके बाद उस जमा राशि से चार लाख रुपये संजीव कुमार के छोटे भाई गोपाल कुमार के खाते में स्थानांतरित कर दिया।

गोपाल कुमार ने यह पूरी राशि मिलने के सात दिनों के भीतर ही तेजी से खर्च कर दिया, जिसमें नकद निकासी, अपने साथियों को पैसे ट्रांसफर करना, वाहन ऋण की ईएमआइ चुकाना आदि शामिल था। इस प्रकार उसने अपराध से प्राप्त धन को अपने निजी वित्तीय देनदारियों में खपाया।

आरोपितों के निजी खातों में जमा लगभग 9.46 लाख रुपये जब्त

ईडी ने जांच के दौरान आरोपितों के निजी बैंक खातों में जमा लगभग 9.46 लाख रुपये की राशि को अस्थाई रूप से जब्त कर लिया है।

जब्त संपत्ति में संजीव कुमार सिंह के एसबीआइ के बैंक खाते में जमा लगभग 58 हजार रुपये व गोपाल कुमार के एसबीआइ खाते में जमा लगभग 8.88 लाख रुपये शामिल हैं। पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

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