रांची, राज्य ब्यूरो। सामाजिक कार्यकर्ता सह रांची विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के विजिटिंग प्रोफेसर ज्यां द्रेज ने झारखंड में स्कूलों के बंद रहने से प्रभावित बच्चों के लिए महा साक्षरता अभियान चलाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि झारखंड में सबसे अधिक समय से प्राइमरी स्कूल बंद हैं, जिसका पूरी तरह असर गरीब बच्चों की शिक्षा पर पड़ा है।

बच्‍चों की बेहतरी के ल‍िए द‍िया आवश्‍यक सुझाव 

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर कोरोना संक्रमित होने के कारण गुरुवार को आयोजित बजट गोष्ठी में शामिल नहीं होेने की जानकारी देते हुए मेल से बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए आवश्यक सुझाव दिए।

ज्यां द्रेज ने एक सर्वे रिपोर्ट का द‍िया है हवाला

ज्यां द्रेज ने एक सर्वे रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना रिपोर्ट में आठ से 12 वर्ष के बच्चों की साक्षरता दर 90 प्रतिशत से अधिक थी, लेकिन अब बच्चे एक वाक्य भी नहीं पढ़ पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों के बंद रहने के कारण आनलाइन कक्षाएं चलाई तो जा रही हैं, लेकिन बड़ी संख्या में गरीब बच्चों को उसका लाभ नहीं मिल रहा है।

तमिलनाडु में चलाए गए अभियान को लागू करने की सलाह

उन्होंने तमिलनाडु में चलाए गए अभियान को भी झारखंड में लागू करने पर विचार करने का सुझाव दिया जिसके तहत स्थानीय शिक्षित युवाओं खासकर महिलाओं, आदिवासियों एवं दलितों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया गया। उनके अनुसार, इसपर बहुत कम खर्च होगा तथा स्थानीय लोगों को आय भी प्राप्त होगा।

Edited By: M Ekhlaque