जागरण संवाददाता, रांची : सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार। एक तरफ ढोल-नगाड़ों के साथ नारेबाजी करते जाती भीड़। सड़क पर परेशान स्कूली बच्चे व राहगीर। जगह ढूंढकर आगे बढ़ते पैदल लोग। विधानसभा चुनाव को लेकर नामांकन के कारण यह नजारा अभी हर दिन शहर में देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को भी पूरा शहर जाम से जूझता रहा। दरअसल, जिला समाहरणालय में विधानसभा के प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान साथ आए समर्थकों की टोली की वजह से सड़क पर जाम लग गया था। लोग रेंगने को मजबूर रहे। हालांकि अन्य दिनों की तुलना में शुक्रवार को ट्रैफिक पुलिस ने बेहतर व्यवस्था की थी। इससे थोड़ी राहत जरूर थी। फिर भी स्कूली बसें जाम में फंसी, एंबुलेंस भी कुछ देर के लिए फंसी। हालांकि इन्हें कुछ ही देर में निकलवा दिया गया। एक फंसी हुई एंबुलेंस को खुद रांची के सांसद संजय सेठ ने निकलवाया। इस बीच सांसद ने कहा, नामांकन के दौरान सड़कों पर जाम न लगे यह प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नामांकन करने आए प्रत्याशियों को अपने साथ अनावश्यक भीड़ भी नहीं लाना चाहिए। हालांकि सांसद से संबंधित पार्टी और एक अन्य क्षेत्रीय पार्टी के समर्थकों के पहुंचने पर सबसे ज्यादा जाम लगी थी। कचहरी चौक पर तैनात रहे डीएसपी :

ट्रैफिक डीएसपी जीतवाहन उरांव कचहरी चौक पर सुबह से ही तैनात रहे। उन्होंने खुद राहगीरों को निकलवाया। आवश्यक्ता अनुसार ट्रैफिक रूट कई बार डायवर्ट भी किए गए। कभी रेडियम रोड की ओर वाहनों को जाने से रोका गया। कभी रेडियम रोड से कचहरी चौक की ओर आने से रोका गया। समाहरणालय के रास्ते भी समय-समय पर थोड़ी देर के लिए वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया। समाहरणालय का मुख्य द्वारा था बंद :

समाहरणालय के बी ब्लॉक का मुख्य द्वार शुक्रवार को बंद कर दिया गया था। वहां से प्रत्याशियों का सत्यापन करने के बाद ही प्रवेश कराया जा रहा था। अन्य लोगों को काम पूछकर अंदर प्रवेश करने दिया गया है। नेताजी के साथ पहुंचे कई समर्थकों को प्रवेश करने से रोका गया। इस दौरान समर्थक बाहर ही खड़े नेताजी के लौटने का इंतजार करते रहे। कई ने प्रवेश के लिए पुलिसकर्मियों से बहस भी की। समाहरणालय की सुरक्षा में कोतवाली डीएसपी अजीत कुमार विमल, कोतवाली थानेदार बृज कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे। स्कूली बच्चे बोले नेता अंकल की वजह से हमेशा परेशानी..

कचहरी रोड से गुरुनानक स्कूल की बस जा रही थी। कुछ देर में बिशप और सुरेंद्रनाथ की बसें गुजरी। स्कूली बच्चों का कहना था कि नेता अंकल की वजह से इन दिनों परेशानी हो रही है। ट्यूशन छूट रहा। भूखे प्यासे बस में बैठे रहना पड़ता। माता-पिता घबराकर स्टॉप पर खड़े रहते। चालक को फोन कर बच्चों के अभिभावक परेशान करते हैं।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप