रांची, राज्य ब्यूरो। धनबाद में लाखों रुपये की दवा कार्यालय में रखे-रखे खराब होने के मामले में मीडिया कर्मियों के सवाल पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जांच कराने और दोषी कर्मियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। धनबाद में दवाओं के अलावा बड़े पैमाने पर प्लास्टिक की सामग्री भी ऑफिस में रखे-रखे खराब हो रही है। इस मामले में सीडीपीओ पर सवाल उठ रहे हैं। जिलास्तर पर भी मामले की जांच कराने की बात पूर्व में कही गई थी लेकिन कुछ खास रिपोर्ट नहीं आई है।

बताया जाता है कि धनबाद में गर्भवती महिलाओं को दी जानेवाली जरूरी दवाएं रखे-रखे एक्सपायर हो गईं। इस मामले में सीडीपीओ पूर्णिमा कुमार ने दैनिक जागरण को बताया था कि मामला उनके धनबाद ज्वाइन करने से पहले का है। कागजों में इन दवाओं का वितरण कर दिए जाने की बात कही गई, लेकिन हकीकत कुछ अलग है। एक लाख रुपये के आसपास की दवाएं जस की तस पड़ी हुई हैं। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्रों को देने के लिए लाई गई प्लास्टिक की बाल्टी, मग, रजिस्टर और साबुन का मामला भी सामने आया।

चूहों ने इन्हें कुतरना शुरू कर दिया था। ये सामान 6 सितंबर 2019 को ही वितरण के लिए दिए गए थे। पूर्व सीडीपीओ ज्योति कुमारी की मौजूदगी में 9 सितंबर 2019 को सारा सामान विभाग को मिला था। इसके बाद सीडीपीओ का तबादला हो गया। उनके स्थान पर 18 सितंबर को नई सीडीपीओ पूॢणमा कुमारी ने योगदान दिया। तब से इनका वितरण नहीं किया गया है। दूसरी ओर, फ्लैक्स बनाए बगैर एजेंसी को भुगतान करने जैसे मामले भी सामने आए।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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