भारत को क्यों मानते हैं विश्वगुरु? रांची में प्रदीप वर्मा ने बताया प्राचीन इतिहास से कोरोना काल तक का सफर
राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने रांची में सेवा भारती के कार्यक्रम में कहा कि भारत अपने स्वभाव और दर्शन ...और पढ़ें

डॉ. प्रदीप वर्मा ने भारत को प्राचीन काल से विश्वगुरु बताया। जागरण
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डॉ. प्रदीप वर्मा ने भारत को प्राचीन काल से विश्वगुरु बताया।
भारत ने ज्ञान, संस्कृति और वैक्सीन से विश्व का मार्गदर्शन किया।
जागरण संवाददाता, रांची। भारत अपने स्वभाव के कारण प्राचीन काल से विश्वगुरु था और हम सभी लोगों के प्रयास से हमेशा रहेगा। केवल सोने की चिड़िया कहे जाने के कारण हीं नहीं, हमारे दर्शन और स्वभाव के कारण विश्व के लोग यहां आते रहे हैं। भारत ने हमेशा से विश्व को कुछ न कुछ देने का काम किया है। चाहे प्राचीन काल हो या वर्तमान समय।
यह कहना है भाजपा के राज्यसभा सदस्य डॉ. प्रदीप वर्मा का। वे रविवार को सेवा भारती की पत्रिका सेवा सुरभि के 27वें वार्षिक विशेषांक के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन गुरुनानक स्कूल के सभागार में किया गया था।
प्रदीप वर्मा ने कहा कि भारत का प्राचीन इतिहास ही संपूर्ण मानवता को दिशा दिखाने वाला रहा है। प्राचीन काल में भारत के पास शक्ति होने के बाद भी दूसरे देशों पर कब्जा करने का काम नहीं किया, जबकि मध्य व आधुनिक काल में पूरी दुनिया में अधिकार की बात जब होने लगी तो सैन्य शक्ति को महत्व दिया जाने लगा।
उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा से विश्व को ज्ञान देने का काम किया, माध्यम चाहे शिक्षा रही हो या संस्कृति। वर्तमान समय में भी कोरोना काल में जब विश्व को जरूरत पड़ी तो भारत ने 100 से अधिक देशों को वैक्सीन देने का काम किया। हमने हर परिस्थिति में अपना एक अलग स्वभाव दिखाया है। इसलिए जब तक सृष्टि रहेगी भारत विश्व गुरु के रूप में मार्गदर्शन करता रहेगा।

इसके लिए जरूरी है कि संपूर्ण हिंदू समाज को संगठित होना होगा। इस अवसर पर झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. सारंग मेधेकर ने कहा कि भारत का प्राचीन इतिहास संपूर्ण मानवता को दिशा दिखानेवाला रहा है। वह आज भी जारी है। सेवा भारती जरूरतमंद बच्चों के लिए बेहतर कार्य कर रही है। समाज को इसकी बहुत जरूरत है।
इस अवसर पर सेवा भारती के उपाध्यक्ष अखिलेश्वर मिश्र ने सेवा भारती के कार्यों से लोगों को अवगत कराया। वहीं महानगर अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने लोगों का परिचय कराया। प्रांत अध्यक्ष गिरीश मल्होत्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा भारती के न्यासी गुरुशरण प्रसाद, सुदर्शन भगत, डॉ. एचपी नारायण, पत्रिका की संपादक डॉ. सुष्मिता पांडेय, सुबोध सिंह गुड्डू, समर सिंह, पूर्व सीएमडी गोपाल सिंह, प्रो. गोपाल पाठक, पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार, पवन मंत्री, अयोध्या नाथ मिश्र सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
