रांची, राब्यू। राज्य में अब घटनास्थल से फोरेंसिक नमूने एकत्रित करने से लेकर प्रारंभिक व कुछ सामान्य जांच तक के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सभी जिलों व राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएसएल) के लिए 25 फोरेंसिक लैब वैन चालू करने की योजना बनी है। यह तब संभव होने जा रहा है, जब हाई कोर्ट ने पिछले दिनों धनबाद के जज उत्तम आनंद की हत्या मामले में सुनवाई के दौरान राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला के विरुद्ध कड़ी टिप्पणी की थी।

एसएफएसएल के निदेशक ने हाई केार्ट में शपथ पत्र दायर करने के लिए गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव को पत्राचार किया है और इसकी आवश्यकता तथा एसएफएसएल को अपग्रेड करने संबंधित प्रस्ताव दिया है। छह महीने के भीतर मानव बल से लेकर उपकरण की खरीदारी तक के कार्य पूरे कर लिए जाने हैं। प्रत्येक जिले में एक जिला फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (डीएफएसएल) व एक फोरेंसिक लैब वैन तैनात होगा। राज्य सरकार ने इसकी तैयारियां कर ली हैं।

पूर्व में खरीदे गए 18 फोरेंसिक लैब वैन हो चुके हैं जर्जर, जागरण ने पहले भी उठाया था सवाल

राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए पूर्व में 18 फोरेंसिक लैब वैन खरीदी गई थी। किसी भी वाहन के लिए 15 साल की उम्र निर्धारित है। ये लैब वैन अलग राज्य गठन के बाद खरीदे गए थे, जो जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं। एसएफएसएल ने गृह विभाग को सुझाव दिया है कि इन 18 लैब वैन में जो मरम्मत लायक हैं, उनकी मरम्मत कराई  जाएगी, लेकिन जो पूरी तरह खराब हो चुकी हैं, उन्हें हटाया जाएगा। पुराने को मरम्मत कराकर व नए की खरीदारी कर कुल 25 फोरेंसिक लैब वैन को जिलों व एसएफएसएल मुख्यालय में तैनात किया जाएगा।

11 करोड़ की लागत से जिलों में बनेंगे मिनी लैब, बोलेरो की बीएस-6 गाड़ियां बनेंगी लैब वैन

एसएफएसएल ने जो प्रस्ताव दिया है, उसके अनुसार सभी 24 जिलों में एक-एक जिला फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (डीएफएसएल) बनेंगे। जो 25 फोरेंसिक लैब वैन होंगी वे बोलेरो की बीएस-6 गाड़ियों में बनेंगी। इन गाड़ियों में बैलिस्टिक किट, ब्लड सैंपल किट, फोटोग्राफी किट सहित अन्य जरूरी के सामान रहेंगे, जिसकी घटनास्थल पर जरूरत होती है। इसके लिए बोलेरो की पीछे की दो सीट निकालकर उसे विकसित किया जाएगा। ये वैन घटनास्थल से नमूने एकत्रित कर अपने जिला फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (डीएफएसएल) में जाएंगी। यहां जांच संबंधित प्रक्रिया शुरू होगी और जरूरत पड़ने पर डीएफएसएल उस नमूने को राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भेजेगा। उपकरण व वैन की खरीद में 11 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

Edited By: Kanchan Singh