राची: बाल गृहों में रहने वाले बच्चों को गोद लिया जा सकेगा यानि उनका भी एक परिवार होगा। बच्चों को गोद लेने के लिए संबंधित लोगों को बाल कल्याण समिति के पास आवेदन देना होगा। अल्पावधि काल के लिए इन बच्चों को गोद लिया जा सकता है। इसे लेकर उपायुक्त राय महिमापत रे ने आदेश निर्गत कर दिया है। समिति ने इसके लिए एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी संबंधित लोगों की काउंसिलिंग करेगी। सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा और इसके बाद बच्चे को उस परिवार को सौंपा जाएगा। राची जिले के बाल गृहों में रहने वाले बच्चों को गोद लेकर आवेदन दिया जा सकता है। आवेदन के आधार पर योग्य परिवारों को बच्चों को सभी नियमों का पालन करने के बाद गोद दिया जाएगा। इसके लिए जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यालय में आवेदन दिया जा सकता है।

इच्छुक लोग एक ही परिवार के अधिकतम तीन बच्चों को गोद ले सकते हैं। गोद लेने वाले को बच्चे की शिक्षा, इलाज, रहने और भोजन की व्यवस्था करनी होगी। बच्चे को घर जैसा माहौल देना होगा, जो परिवार बच्चों को गोद लेगा उसे हर माह प्रति बच्चे के हिसाब से 2000 रुपये सरकार देगी। जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हो गई है, या मा -पिता ने बच्चे को छोड़ दिया है और अपनाने से इन्कार कर दिया है।

जिस परिवार को बच्चे दो दिया जा रहा उसके पास आय का जरिया भी होना चाहिए। उनके खिलाफ किसी प्रकार का आपराधिक मामला भी नहीं होना चाहिए। बच्चों को गोद लेने के पूर्व यह अनिवार्य होगा कि लेने वाले मां-पिता की उम्र 35 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। दोनों का भारतीय होना जरूरी है।

'अल्पअवधि काल के लिए बच्चों को बालगृह से गोद लिया जा सकता है। इच्छुक लोग एक ही परिवार के अधिकतम तीन बच्चों को गोद ले सकते हैं, जिसे बच्चे को दिया जा रहा है इसके लिए जरूरी है कि उनके आय जरिया हो।'

कंचन सिह

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, रांची

Posted By: Jagran

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