रांची, जागरण संवाददाता। दैनिक जागरण के कितना-कितना पानी अभियान के तहत अशोक विहार स्थित गणेश अपार्टमेंट में जल संवाद का आयोजन किया गया। इस दौरान जल संवाद में शामिल लोगों ने कहा कि पानी बचाने के लिए हर स्तर पर लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।

खासकर स्कूल, कॉलेज में जाकर विद्यार्थियों को जागरूक करने की जरूरत है। साथ ही घरेलू उपयोग में पानी का इस्तेमाल विवेक से करना होगा। ग्राउंड वाटर को रिचार्ज करने के लिए घरों में सॉकपिट और रेनवाटर हार्वेस्टिंग बनाना होगा।

आरओ के वेस्ट पानी का करें दोबारा इस्तेमाल

श्वेता सिंह और शिमाली सुम्मी ने संयुक्त रूप से कहा कि आरओ के इस्तेमाल में काफी पानी वेस्ट होता है। लोगों को आरओ से निकलने वाले इस वेस्ट पानी का दोबारा इस्तेमाल करना चाहिए। हम इस पानी का इस्तेमाल पोछा लगाने, कपड़े धोने और पौधों की सिंचाई में करते हैं। गाड़ी धोते समय पाइप का इस्तेमाल ना करके बाल्टी का इस्तेमाल करें। सेविंग और ब्रशिंग के दौरान टैप को खुला ना छोड़ें।

ग्राउंड वाटर को रिचार्ज करने की जरूरत

शंकर यादव ने कहा कि घरेलू कामों, खेती और इंडस्ट्रीज में पानी का बहुत इस्तेमाल होता है। आज सामान्य बारिश होने के बाद भी पानी की मांग बढ़ गई है। इसको पूरा करने के लिए ग्राउंड वाटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन ग्राउंड वाटर को रिचार्ज करने का प्रयास नहीं किया जाता है। जरूरी है कि इस्तेमाल के साथ ग्राउंड वाटर को रिचार्ज किया जाए। इसके अलावा कृषक खेती के दौरान टपक सिंचाई का इस्तेमाल करें। इससे पानी की बचत होगी। पुष्पा प्रसाद और रोहित सिंह ने कहा, पानी बचाने के लिए ग्राउंड लेवल पर जागरूकता जरूरी है। जहां नहर, चेकडैम बनाए गए हैं, वहां लोगों को इसके इस्तेमाल के बारे में बताया जाना चाहिए। इसके अलावा अपार्टमेंट में तीन पाइपलाइन होने चाहिए। घरेलू इस्तेमाल के बाद पानी की रिसाइक्लिंग करनी चाहिए।

पानी बचाने के लिए पर्यावरण का संरक्षण जरूरी

डॉ. सुनीता यादव और अर्चना ने कहा कि अपार्टमेंट, घरों के निर्माण के कारण शहर में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की गई है। शहर कंक्रीट के जंगल में तब्दील हो गया है। पानी बचाने के लिए पर्यावरण का संरक्षण जरूरी है। पेड़ होंगे, तभी पानी बचेगा।

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Posted By: Sujeet Kumar Suman