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झारखंड की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र, खराब खाना और मेस की फीस बढ़ाने पर भड़के

Published: Mon, 24 Aug 2026 12:22 PM (GMT+05:30)

सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड में मेस शुल्क बढ़ोतरी और भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन से ...और पढ़ें

HighLights

  1. मेस शुल्क बढ़ोतरी के खिलाफ छात्रों ने किया प्रदर्शन।

  2. भोजन की गुणवत्ता और पारदर्शिता में सुधार की मांग।

  3. प्रशासन से बातचीत के बाद भी आंदोलन जारी रखने का फैसला।

जागरण संवाददाता, रांची (पिठौरिया)। सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड में मेस शुल्क में बढ़ोतरी को ले रविवार को छात्रों और सीयूजे प्रबंधन के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। शुल्क बढ़ाए जाने से आक्रोशित छात्रों ने सीयूजे के मुख्य गेट के बाहर धरना प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि मेस के लिए पहले जो शुल्क निर्धारित था, उसी राशि के तहत भोजन उपलब्ध कराया जाए। निर्धारित राशि से अधिक शुल्क देने से छात्रों ने साफतौर पर इनकार कर दिया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद सीयूजे प्रशासन ने डाॅ. अनुराग लिंडा के नेतृत्व में छात्रों से बातचीत की।

बताया गया कि पहले मेस संचालन के लिए जिस एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई थी, उसके द्वारा मेस शुल्क कम निर्धारित किया गया था। अब नई एजेंसी के आने के बाद मेस शुल्क में बढ़ोतरी किए जाने को ले विवाद सामने आया है।

छात्रों की मांग थी कि पहले से तय शुल्क के अनुसार ही उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जाए और उनसे अतिरिक्त राशि न ली जाए। छात्रों के धरने की सूचना के बाद डीएसडब्ल्यू ने मामले में पहल करते हुए छात्रों से बातचीत की। सीयूजे प्रशासन और छात्रों के बीच हुई बातचीत के बाद मामले का समाधान कर लिया गया।

डाॅ. अनुराग लिंडा ने बताया कि छात्रों को उनकी मांग और मेस शुल्क से जुड़े विषय पर आश्वासन दिया गया है। बता दें कि सीयूजे मनातू में मेस शुल्क बढ़ने और भोजन की गुणवत्ता को लेकर हाॅस्टल छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने मेस शुल्क में कमी करने, भोजन की गुणवत्ता सुधारने और मेस व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की है।

विरोध में दो छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्रों का कहना है कि वर्तमान में प्रत्येक हाॅस्टल छात्र से प्रतिमाह 3071 रुपये मेस शुल्क लिया जा रहा है। छात्रों ने इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए टोकन सिस्टम लागू करने की मांग की है।

उनका आरोप है कि शुल्क बढ़ने के बावजूद मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। मेस में स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी छात्रों ने सवाल उठाए हैं। छात्रों ने सीयूजे प्रशासन को दिए पत्र में सात सूत्रीय मांगें रखी हैं।

इनमें मेस में पेशेवर कुक की रोटेशन के आधार पर व्यवस्था, हाॅस्टल के अनुसार मेन्यू में बदलाव, गुणवत्तापूर्ण सामग्री का इस्तेमाल और मेस शुल्क का अग्रिम भुगतान नहीं लेने की मांग शामिल है।

छात्रों का आरोप है कि आंदोलन के दौरान प्रशासन की ओर से कुछ छात्रों को हास्टल से निकालने की धमकी भी दी जा रही है। छात्रों ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों पर व्यक्तिगत कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती और समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और छात्र अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।