रांची : झारखंड ही नहीं, पूरे देश में सीआरपीएफ ने अपना 80वां वर्षगांठ धूमधाम से मनाया। ग्रुप केंद्र रांची में भी विशेष आयोजन किया गया था, जहां शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। आयोजन के मुख्य अतिथि सीआरपीएफ के डीआइजी मनीष सच्चर थे। उन्होंने सबसे पहले सलामी ली एवं सीआरपीएफ के अमर शहीदों की शहादत याद करते हुए शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। जवानों का हौसला बढ़ाते हुए डीआइजी मनीष सच्चर ने कहा कि सीआरपीएफ विश्व का सबसे बड़ा अ‌र्द्धसैनिक बल है। यह बल न केवल देश की आंतरिक सुरक्षा के प्रति सजग व सचेत है, बल्कि सामाजिक सरोकार व मानवता के प्रति भी उतना ही प्रतिबद्ध है। सीआरपीएफ ने समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित कर गत वर्ष लगभग 1500 यूनिट रक्तदान कर ब्लड बैंकों को सौंपा है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित होता रहा है। राज्य के सुदूर व ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास योजना के तहत भारी संख्या में लोग प्रशिक्षित किए गए। समय-समय पर सिविक एक्शन प्रोग्राम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सामग्री व चिकित्सा सुविधा भी मुहैया कराई गई है। कार्यक्रम के अंत में ग्रुप केंद्र रांची सहित राज्य में तैनात सभी बटालियन के लिए बड़ा खाना का आयोजन किया गया। मौके पर डीआइजी दीपक बनर्जी, अमिय सरकार, कमांडेंट प्रभात संदवार, कैलाश, विकास पाडे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। राज्य में 2010 में हुई थी सेक्टर कार्यालय की स्थापना : झारखंड में दो जुलाई 2010 को राजधानी रांची में सेक्टर कार्यालय स्थापित किया गया था। इसके अधीन वर्तमान में 04 परिचालन रेंज कार्यालय, 02 ग्रुप केंद्र, 20 बटालियन, 02 कोबरा बटालियन एवं 01 द्रुत कार्य बल का बटालियन तैनात है। ये मुख्य रूप से नक्सल विरोधी अभियान में लगे हैं। कई नामी-गिरामी नक्सलियों को मारने के लिए सीआरपीएफ सम्मानित हो चुकी है। झारखंड सेक्टर के अस्तित्व में आने के बाद सीआरपीएफ के जवानों को शौर्य चक्र, राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक, पराक्रम पदक, महानिदेशक का डिस्क, प्रशंसा पत्र भी मिल चुके हैं।

Posted By: Jagran

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