रांची, जासं। रांची पुलिस के वरीय अधिकारी स्मार्ट और फ्रेंडली पुलिसिंग के लाख दावे कर लें, लेकिन उनके अधीनस्थ कर्मचारी ही इसे धता बताने में जुटे हैं। लापुंग थानेदार विकास कुमार ने एक सीआरपीएफ जवान को तीन दिनों तक हाजत में रखा और पिलर में बांधकर जमकर लाठियां बरसाई। इतना ही नहीं, उसके मुंह में खौलता हुआ पानी डाल दिया गया और 250 लाठियां लगातार बरसा कर पीठ व कमर को बुरी तरह छलनी कर दिया।

डंडे की पिटाई से जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। इतनी बेरहमी से पिटाई की गई कि जवान चलने के लायक नहीं है। दरअसल सीआरपीएफ जवान पवन कुमार मुंडा का घर लापुंग थाना क्षेत्र के पासा गांव में है। जवान ने बताया है कि वे 25 नवंबर को अपनी ड्यूटी से छुट्टी लेकर अपने गांव गए हुए थे। गांव में रहने के दौरान पत्‍‌नी की गतिविधि ठीक नहीं लगी, वह थानेदार से मिलना-जुलना कर रही थी। इससे मना किया।

इसबीच 30 नवंबर को थानेदार ने गश्ती पार्टी भेजकर मुझे रात करीब आठ बजे थाना बुला लिया। थाना पहुंचते ही थानेदार विकास कुमार उसे गाली देते हुए पिलर में बांधने के लिए बोले। इसके बाद दो पुलिसकर्मियों ने पकड़ा और पिलर में बांध दिया। इसके बाद विकास कुमार ने खुद लगातार 250 लाठियां मारी। मार से बेहोशी की नौबत आ गई, पीने के लिए पानी मांगा तो खौलता हुआ पानी मंगवाया और मुंह में डाल दिया। इससे मुंह बुरी तरह झुलस गया। इस पूरी घटना की लिखित शिकायत एसएसपी अनीश गुप्ता से की है। एसएसपी न मामले की जांच की जिम्मेवारी ग्रामीण एसपी को दी है।

पत्‍‌नी से है डेढ़ वर्षो से अवैध संबंध : जवान ने बताया है कि थानेदार विकास कुमार की उसकी पत्‍‌नी से पिछले डेढ़ वर्षो से अवैध संबंध है। फेसबुक से विकास कुमार की दोस्ती जवान की पत्‍‌नी से हुई थी। पहले वह मोरहाबादी में पत्‍‌नी के साथ एक कमरे में रहते थे। वे ड्यूटी करते थे। इधर घर पर विकास कुमार पहुंच कर पत्‍‌नी से मिलते थे। इसबात पर मना करने पर झगड़ा हुआ।

इसके बाद कुछ युवकों से विकास कुमार ने ही पिटवाया था और धमकी दी थी, कि पत्‍‌नी को प्रताड़ित न करे। जातिसूचक गाली देकर बोले कि कैसे लग गई नौकरी जवान के अनुसार थानेदार ने पिटाई के समय जातिसूचक गाली देते हुए बाले कि तुम्हारी नौकरी कैसे लग गई। इसके बाद बोले कि जब भी थाना के आसपास दिखा या गांव आया तो यही हालत करूंगा।

पुलिसकर्मियों से भी बोला कि यह आसपास दिखे तो यही हाल करना। घायल अवस्था में उसे थाने के बाहर छोड़ दिया गया। न कोई पीआर बांड लिखाई न कोई कागजी कार्रवाई की। गांव के ही एक किश्वर नाम के व्यक्ति ने उनकी मदद करते हुए जवान को रिम्स पहुंचाया।

विकास कुमार रहे हैं लाठी स्पेशलिस्ट दारोगा: विकास कुमार लाठी स्पेशलिस्ट रहे हैं। लाठियां बरसाना उनकी आदत बन गई है। दो बार पहले भी गलत ढंग से पिटाई के मामले को लेकर निलंबित हो चुके हैं। पहली बार 18 जून 2015 को अशोक कुंज के तिग्गा निवास में रहने वाले युवक कार्तिक तिग्गा को भी थाने के पिलर में बाधकर कमर के नीचे खूब लाठियां बरसाई थी। इससे कार्तिक गंभीर रूप से घायल हो गया था।

इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने थाना का घेराव कर हंगामा भी किया था। विकास कुमार पर घर में घुस कर तोड़फोड़ का भी आरोप था। इसके बाद दारोगा विकास कुमार को तत्कालीन एसएसपी प्रभात कुमार ने निलंबित कर दिया था। दूसरी बार 17 जुलाई 2017 को पिठोरिया में एक नाबालिग को पीटते हुए थाना ले गए थे। इस मामले में भी एसएसपी ने उन्हें निंलबित कर दिया था। मामले में बाल संरक्षण आयोग ने भी संज्ञान लिया था। डीएसपी की जांच के बाद उन्हें निलंबित किया गया था।

मैंने कोई मारपीट नहीं की : जवान कोई अपराधी नहीं है। मुझ पर लगा आरोप जांच का विषय है। मेरे स्तर से कुछ नहीं हुआ है।' विकास कुमार, थाना प्रभारी, लापुंग।

पूरे प्रकरण की जांच कराएंगे : 'थानेदार की भूमिका सहित इस पूरी प्रकरण की जांच की जिम्मेवारी ग्रामीण एसपी को दी गई है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।' अनीश गुप्ता, एसएसपी, रांची।