रांची : नगर निगम में फॉगिंग के नाम पर डीजल की चोरी का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। मच्छर मारने के नाम पर हजारों रुपये का मिलने वाला डीजल भी स्वास्थ्य शाखा के कुछ कर्मचारी मिल-बांटकर पी रहे हैं। सिर्फ वीवीआइपी इलाकों में फॉगिंग कराकर निगम के अधिकारी मच्छरों के बढ़ते आतंक पर काबू पाने की डींग हांक रहे हैं। बुधवार की शाम इस मामले का खुलासा हुआ, जब झिरी में फॉगिंग कार्य के लिए जाने के क्रम में फॉंिगंग वाहन चालक अनुज कुमार ने कांके रोड स्थित पेट्रोल पंप में 80 लीटर की जगह मात्र 30 डीजल लिया। हालांकि निगम के सहायक कार्यपालक पदाधिकारी रामकृष्ण कुमार को इस मामले की भनक पहले से ही लग चुकी थी। सूचना की पुष्टि होते ही वे सबसे पहले बकरी बाजार स्थित निगम के स्टोर कार्यालय पहुंचे। तब तक फॉगिंग कार्य के लिए सभी वाहन वहां से निकल चुके थे। इसी बीच उन्हें सूचना मिली कि झिरी में फॉगिंग कार्य के लिए जाने वाले वाहन में डीजल का घपला किया जा रहा है। उन्होंने तत्काल जीपीएस सिस्टम के जरिए फॉगिंग वाहन का लोकेशन पता किया। इसके बाद संबंधित वाहन चालक को मोरहाबादी मैदान में बुलाया। फिर वाहन में फॉगिंग के लिए उपलब्ध डीजल की मापी करायी। मापी के क्रम में पता चला कि स्टोर कार्यालय से 80 लीटर डीजल का कूपन दिया गया था, लेकिन चालक ने मात्र 30 लीटर डीजल भरवाया। इसके बाद वे कांके रोड स्थित पेट्रोल पंप पहुंचे। वहां पेट्रोल-डीजल भरने वाले कर्मियों से भी पूछताछ की। हालांकि सभी उनके सवालों का स्पष्ट जवाब देने से कतराते रहे। अंतत: उन्होंने पेट्रोल पंप के कैशियर से पूछताछ की। इस दौरान पेट्रोल पंप के कैशियर भी सही जानकारी देने में आनाकानी करने लगा। जब उन्होंने पेट्रोल पंप में लगे सीसीटीवी कैमरा का विडियो फुटेज दिखाने की बात कही तो कैशियर ने सारा रोज खोल दिया। उसने बताया कि संबंधित वाहन (जेएच01 बीजे 2651) में मात्र 30 लीटर डीजल डलवाया गया है। डीजल के खेल का खुलासा होते ही सहायक कार्यपालक पदाधिकारी ने नगर प्रबंधकों के माध्यम से शेष फॉगिंग वाहनों की जांच भी कराई। हालांकि सभी फॉगिंग वाहन रोस्टर के तहत निर्धारित क्षेत्रों में पाए गए।

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दोनों पक्ष ने दिया है लिखित बयान

डीजल के इस खेल में पेट्रोल पंप कर्मियों व फॉगिंग वाहन चालक अनुज कुमार ने सहायक कार्यपालक पदाधिकारी को लिखित जानकारी उपलब्ध करा दी है। चालक अनुज ने कबूल किया है कि उसने 80 लीटर की जगह मात्र 30 लीटर डीजल भरवाया है। शेष 50 लीटर डीजल का 50 फीसद हिस्सा दूसरा फॉगिंग वाहन चालक अजय सिंह लेता है। इधर, पेट्रोल पंप के कैशियर ने भी कबूल किया है कि चालक अनुज के फॉगिंग वाहन में 80 लीटर की जगह मात्र 30 लीटर डीजल ही दिया गया है। संबंधित पेट्रोल पंप कर्मी को कार्यमुक्त करने की बात भी कही गई है।

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रिपोर्ट तैयार, नगर आयुक्त के आदेश का इंतजार

फॉगिंग वाहन में डीजल की चोरी मामले में रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। संभवत: चालक अनुज कुमार को पदमुक्त करने की तैयारी भी कर ली गई है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय नगर आयुक्त डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि ही लेंगे। नगर आयुक्त के इंदौर से लौटने के बाद ही इस मामले में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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डीजल के खेल का खुलेगा राज

सहायक कार्यपालक पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट से फॉगिंग के नाम पर डीजल चोरी के खेल से पर्दा उठने की संभावना जतायी जा रही है। निगम के स्वास्थ्य शाखा के कई कर्मी अब संदेह के घेरे में हैं। 16 मई को निगम बोर्ड की बैठक में पार्षद ओमप्रकाश ने फॉगिंग के नाम पर डीजल के खेल का मामला भी उठाया था। उन्होंने सहायक लोक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. किरण कुमारी से इस मामले में जवाब भी मांगा था। पार्षद के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा था कि ऑटो माउंटेड फॉगिंग मशीन को अधिकतम डेढ़ घंटे तक ही चलाया जा सकता है। इससे अधिक समय तक फॉगिंग मशीन का चालू करने पर मशीन गर्म हो जाती है। मशीन के फटने की संभावना रहती है। जबकि पार्षद ने फॉगिंग कार्य पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनके क्षेत्र में मात्र 30-40 मिनट तक ही फॉगिंग होती है। ऐसे में शेष केमिकल युक्त डीजल का उपयोग कहां होता है।

इस मामले में पेट्रोल पंप के कैशियर व फॉगिंग वाहन के चालक ने अपना लिखित बयान दे दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर नगर आयुक्त अंतिम कार्रवाई करेंगे।

- रामकृष्ण कुमार, सहायक कार्यपालक पदाधिकारी, रांची नगर निगम।

Posted By: Jagran