रांची : दामाद बलराम साव फोन कर कहता था कि आपकी बेटी बेटा नहीं जन्मा सकती। उसे भी उलाहना देते थे कि वह कभी भी बेटा पैदा नहीं कर सकती। सुनील ठाकुर बलराम के गांव का ही है। वह उसका पड़ोसी है जो उसे उसकाते रहता है। ससुराल के सभी लोग बेटी ¨रकू देवी को डायन कहते थे। कहते थे कि तुम डायन हो अपने बेटे को खा गई। यह बातें तेजाब पीड़िता ¨रकू देवी की मां चंपा देवी की गवाही में सामने आई। चंपा देवी की गवाही न्यायिक दंडाधिकारी तारकेश्वर दास की अदालत में हुई। पीड़िता की मां चंपा देवी सहित चार लोगों की गवाही अदालत में दर्ज की गई। जिनकी गवाही दर्ज की गई उसमें पीड़िता के पिता बीरबल साव, पंडरा निवासी ठेकेदार रासबिहारी सिंह, पलामू जिले के लेस्लीगंज निवासी ऑटो चालक उपेंद्र साव शामिल थे। मामले की अगली सुनवाई 23 जून को होगी।

गवाही में मां चंपा देवी ने बताया कि ¨रकू के पति द्वारा मारपीट किए जाने के बाद पंचायत बुलाए जाने की जानकारी दी। कहा कि पंचायत के निर्णय के बाद उसने बेटी को ले गया था। तेजाब की घटना घटने की जानकारी उन्होंने अदालत को दी। कहा कि उनकी बेटी ¨रकू देवी को जलने के कारण हड्डी व दांत दिख रहा है। घटना के 15-20 दिनों के बाद रिम्स में इलाज के दौरान उसका होश आया था। बताया कि सभी लोग उसे तांत्रिक के पास गढ़वा ले जा रहे थे और सिर पर तेजाब डाल दिया।

उल्लेखनीय है कि वंश वृद्धि के लिए बेटा नहीं होने का आरोप लगाकर रांची में मजदूरी करने वाले युवक ने पत्‍‌नी को तेजाब से नहला दिया। पलामू जिले के लेस्लीगंज के कुराइन पतरा गांव के निवासी पीड़िता के पति बलराम साव सहित अन्य पर ऐसी हैवानियत की घटना को अंजाम दिया है। मामले को लेकर अदालत में मुकदमा दायर किया गया है। इसमें ¨रकू के पति बलराम साव, ससुर इनर साव, सास पार्वती देवी, जेठ जयराम साव, गोतनी गायत्री देवी और पड़ोसी सुनील ठाकुर को आरोपित बनाया गया है। पीड़िता का मायके भी पलामू जिले के ही लेस्लीगंज के राजपुर गांव में है। वर्तमान में उसके पिता बीरबल रातू में रहकर मजदूरी का काम करते हैं।

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50 रुपये के साथ बेटी को किया था विदा :

न्यायिक दंडाधिकारी तारकेश्वर दास की अदालत में तेजाब पीड़िता ¨रकू देवी के पिता बीरबल साव ने गवाही दी। उन्होंने बताया कि तुम बेटा नहीं जन्मा सकती। ससुराल वाले उलाहना देकर मारपीट करते थे। उसे रातू स्थित मायके में पहुंचा दिया और बोला कि दूसरी शादी करेंगे। इसे नहीं रखेंगे। इसके बाद उसने मोहल्ले के लोगों को एकत्र किया। पंचायत सह मीटिंग के बाद दामाद को बुलाए। बेटी को रखने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की। पैसा यह कहकर लिया कि तांत्रिक से उसका इलाज कराएंगे। इलाज के बाद बेटा होगा। इसके बाद 27 अप्रैल 2018 को रातू से अपने घर ले गया। दामाद बीरबल ने फोन कर बताया कि ¨रकू का लेस्लीगंज में दुर्घटना हो गई है। इसकी सूचना पर बीरबल ने अपने भगिना दामाद मंटू साव को फोन कर पूछा। उसने बताया कि ¨रकू रिम्स में भर्ती है। इसके बाद पिता रिम्स जाकर एक्सीडेंट से संबंधित वार्ड में देखा तो नहीं मिली। दूसरी बार फोन किया तो बताया कि ¨रकू जल गई है और बर्न वार्ड में है। इसके बाद वहां गए तो देखा कि उसका पूरा चेहरा जला हुआ है। मुश्किल से उसे पहचाने। ससुराल की तरफ से कोई नहीं था। फोन किए तो कोई नहीं उठाया। बेटी को होश नहीं था। होश आने के बाद घटना की जानकारी दी। इसके बाद अधिवक्ता के पास गए। उसने थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा। इसके लिए रातू थाना गए। वहां के सिपाही ने बोला कि गढ़वा जाएं। गढ़वा में भाई को भेजा। वहां बताया गया कि मामला पलामू से जुड़ा है, इसलिए प्राथमिकी वहीं होगी। इसके बाद अधिवक्ता के पास आए और कोर्ट में मुकदमा किया।

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पंचायत में शामिल हुए थे ठेकेदार :

पंडरा निवासी ठेकेदार रासबिहारी सिंह ने पंचायत होने की जानकारी अदालत को दी। उसने बताया कि पंचायत में वे शामिल हुए थे। इसमें फैसला हुआ था कि बलराम लड़की ¨रकू देवी को अपने घर ले जाएगा। ¨रकू के पिता ने 50 हजार रुपये भी दिए थे। बताया कि बीरबल उनके यहां मजदूर का काम करता है। उसका दामाद बलराम साव भी पूर्व में काम किया था। वह काफी शराब पीता है।

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30 मई को ¨रकू को आया होश :

अदालत में दिए गवाही में ऑटो चालक उपेंद्र साव ने बताया कि घटना की जानकारी ¨रकू देवी के माता-पिता को मिली थी। यह भी जानकारी हुई था कि वह रिम्स में भर्ती है। इसके बाद उनलोगों को अपने टेंपो से रिम्स पहुंचाया था। वहां देखे कि ¨रकू का चेहरा, सिर, पेट, हाथ सब जला हुआ है। मांस गलकर गिर गया है। 30 मई 2018 को उसे होश आया तो ¨रकू ने बताया कि झाड़-फूंक करने के लिए गढ़वा के सलीम के यहां ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उसपर तेजाब डाल दिया।

Posted By: Jagran