रांची से गाजियाबाद तक फैला कफ सीरप का काला नेटवर्क, जांच में कई राज्यों की फर्मों का कनेक्शन उजागर
रांची से गाजियाबाद तक फैले कफ सिरप के अवैध नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें कई राज्यों की फर्में शामिल हैं। जांच एजेंसियां इन फर्मों की भूमिका की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्होंने जानबूझकर नियमों का उल्लंघन किया। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

रांची से गाजियाबाद तक फैला नशीले कफ सीरप का काला नेटवर्क। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, रांची। झारखंड की राजधानी रांची से लेकर गाजियाबाद, वाराणसी, सोनभद्र और यहां से होते हुए बांग्लादेश तक कोडीनयुक्त कफ सीरप की अवैध तस्करी का बड़ा नेटवर्क सामने आया है।
गाजियाबाद में हाल ही में बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद अब स्पष्ट हो गया है कि फेंसेडिल और अन्य कोडीनयुक्त सिरप की सप्लाई रांची के माध्यम से कई जिलों और राज्यों तक पहुंचाई जा रही थी।
झारखंड के संयुक्त निदेशक औषधी प्रशासन सुमंत कुमार तिवारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि रांची में पिछले दिनों प्रतिबंधित कफ सीरप की बड़ी खेप बरामद की गई थी, जिसके बाद ही यह आशंका जताई जा रही थी कि दोनों ओर से लगातार ऐसे सीरप की आवाजाही हो रही है।
अब अन्य राज्यों की जांच में भी यह तार सामने आ गए हैं। पकड़े जाने के बाद यह चैनल अब ध्वस्त होता दिख रहा है। इधर, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में एक भी प्रतिबंधित कफ सीरप की मैन्युफैक्चरिंग नहीं होती, लेकिन यदि यहां से सप्लाई की जा रही है तो इसकी पूरी जांच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रांची की शैली ट्रेडर्स बना मुख्य कड़ी, यूपी से बंगाल–नेपाल तक फैला नेटवर्क
कोडीनयुक्त कफ सीरप की अवैध बिक्री के पूरे तंत्र का केंद्र रांची की सुपर स्टाकिस्ट फर्म शैली ट्रेडर्स को माना जा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए), लखनऊ ने जांच में पाया कि वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, प्रयागराज, सुल्तानपुर सहित यूपी के कई जिलों में भेजी जा रही बड़ी मात्रा में कफ सीरप रांची की इसी फर्म से उठाई जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, बंगाल और नेपाल तक कोडीनयुक्त सीरप की आपूर्ति इसी नेटवर्क के जरिए हो रही थी। एफएसडीए के अनुसार, शैली ट्रेडर्स ने वर्ष 2023 से 2025 के बीच लगभग 89 लाख शीशियां फेंसेडिल सीरप खरीदीं और इसमें से करीब 84 लाख शीशियां केवल वाराणसी और आसपास के जिलों के 93 मेडिकल स्टोर्स को भेजना दिखाया गया था।
कई मेडिकल स्टोर बंद पाए गए या केवल नाम मात्र के थे, जबकि कुछ ने केवल अवैध रूप से कोडीनयुक्त सीरप की खरीद-बिक्री की थी। एफएसडीए की जांच में गाजीपुर जिले की छह मेडिकल फर्मों द्वारा शैली ट्रेडर्स, रांची के माध्यम से 7.82 लाख बोतल कफ सीरप की खरीद दिखाई गई, लेकिन मौके पर एक भी बोतल नहीं मिली।
नेटवर्क का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, कोलकाता के रास्ते दुबई भागा
तस्करी रैकेट का मुख्य आरोपी वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल पांच नवंबर को रांची से कोलकाता गया और वहीं से दुबई भाग निकला। वाराणसी और गाजियाबाद पुलिस जांच में पता चला कि शुभम ने रांची, गाजियाबाद और वाराणसी में फर्जी फर्में खोलकर कफ सीरप का विशाल नेटवर्क खड़ा किया था।

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