रांची, [नीरज अम्बष्ठ]।  Coronavirus Lockdown कोरोना के संकट और खतरे से देश को मुक्त करने की जंग में झारखंड कैडर के कई आइएएस अफसर अहम भूमिका निभा रहे हैं। केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में तैनात झारखंड के इन वरिष्ठ अधिकारियों को इस लड़ाई में अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। देश को वर्तमान संकट से निकालने की बड़ी जिम्मेदारी 1982 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी राजीव गौबा निभा रहे हैं।

केंद्रीय कैबिनेट सचिव के रूप में ये न केवल भारत सरकार के विभिन्न विभागों बल्कि राज्य सरकारों से भी समन्वय कर उन्हें आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले  राज्य में मुख्य सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके गौबा प्रतिदिन झारखंड सहित विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों, गृह एवं स्वास्थ्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं और आवश्यक निर्देश दे रहे हैं।

इधर, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना से निपटने तथा लॉक डाउन अवधि में लोगों की परेशानियों को दूर करने को लेकर त्वरित निर्णय लेने तथा सरकार को आवश्यक सुझाव देने के लिए 11 इम्पावर ग्रुप बनाए हैं। इनमें भी झारखंड के अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के सचिव तथा 1985 बैच के आइएएस पदाधिकारी अमित खरे को लोक शिकायतों और सुझावों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जवाबदेही दी गई है। ये अपने ग्रुप को लीड भी करेंगे। कोरोना से बचाव को लेकर सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कराने तथा इस अवधि में पठन-पाठन के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने में भी इनकी बड़ी भूमिका रही।

इनके अलावा 1987 बैच के आइएएस पदाधिकारी नागेंद्र नाथ सिन्हा उस ग्रुप में शामिल हैं जिसपर पूरे देश में दवा से लेकर खाद्यान्न तक की निर्बाध आपूर्ति की जिम्मेदारी है। सिन्हा वर्तमान में केंद्र में बॉर्डर डिपार्टमेंट के सचिव हैं। इसी तरह 1995 बैच के आइएएस पदाधिकारी सतेंद्र सिंह को केंद्र ने पहले ही कोरोना से निपटने के लिए झारखंड राज्य का नोडल पदाधिकारी बनाया है जो इसपर केंद्र व राज्य सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने का काम कर रहे हैं। इसी तरह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए कुछ अन्य पदाधिकारियों को भी कोरोना के खिलाफ जंग में लगाया गया है।

केंद्र बुलाए जा सकते हैं कुछ पदाधिकारी

कोरोना से निपटने के लिए विभिन्न राज्यों से कुछ और आइएएस पदाधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाए जा सकते हैं। ऐसे में झारखंड के कुछ और अफसर भी दिल्ली बुलाए जा सकते हैैं। राज्य की नौकरशाही में इसे लेकर चर्चा है। बताया जाता है कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के क्रम में केंद्रीय पदाधिकारियों ने इसके संकेत दिए हैं।

Posted By: Alok Shahi

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