रांची, [संजय कुमार]। Coronavirus Lockdown कोरोना वायरस जैसी महामारी के कारण इस बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा मैदानों , पार्कों व सार्वजनिक स्थानों पर लगनी पूरी तरह बंद है। शाखाएं लगनी तो पहले भी 1948, 1975 से 77 व 1992 में बंद थी, लेकिन उस समय व इस बार में अंतर है। उस समय शाखा लगाते हुए कही भी दिखने पर पुलिस पकड़ कर ले जाती थी।  इसकारण स्वयंसेवक शाखा कही नहीं लगाते थे। इसबार कोरोना वायरस के कारण एक जगह इकट्ठा नहीं होने के चलते बाहर में शाखा नहीं लगा रहे हैं। इसलिए रांची सहित देश में कई जगहों पर स्वयंसेवकों ने आनलाइन शाखा लगानी शुरू की है। जूम एप के माध्यम से एक साथ दर्जनों स्वयंसेवक अपने अपने घरों से मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से जुड़ जा रहे हैं और फिर शाखाएं लगती है। संघ प्रमुख डाक्टर मोहन भागवत ने अपने संदेश में भी कहा था कि सभी स्वयंसेवक अभी अपने अपने घरों पर ही संघ की प्रार्थना करें। 

आरएसएस के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार ठाकुर ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि तात्कालिक परिस्थितियों में स्वयंसेवकों ने जूम एप के माध्यम से जुड़कर शाखा लगाने का विशेष प्रयोग किया है। यह अस्थाई व्यवस्था है। परिस्थिति व समय के अनुसार स्वयंसेवक प्रयोग करते रहते हैं। कोरोना वायरस का प्रकोप समाप्त हो जाने के बाद फिर से पहले जैसी शाखाएं लगनी शुरू हो जाएगी।

रांची में पिछले तीन दिनों से इस तरह का प्रयोग चल रहा है। वर्ष प्रतिपदा के दिन एक साथ आद्य सरसंघचालक प्रणाम करने की तैयारी एक दिन पहले शुरू कर दी गई। वर्ष में एक ही दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को भारत सहित विश्व में कहीं भी रहने वाले स्वयंसेवक संघ संस्थापक डाक्टर केशव बलिराम हेडगेवार को ध्वज प्रणाम से पहले प्रणाम करते हैं क्योंकि उसी दिन उनका जन्म हुआ था। उस दिन एक साथ अपने संघ संस्थापक को प्रणाम करने के लिए स्वयंसेवकों को एप का लिंक और कोड नंबर भेज दिया गया।

सुबह नौ बजे का समय निर्धारित किया गया।  स्वयंसेवक अपने घरों से पूर्ण गणवेश में तैयार होकर  साढे आठ बजे से ही एप से जुड़ने लगे। निवारणपुर स्थित प्रा़ंत कार्यालय में सारी व्यवस्था की गई थी। पहले आद्य सरसंघचालक प्रणाम हुआ। फिर ध्वज लगाई गई और प्रार्थना के बाद कार्यक्रम समाप्त कर दिया गया। अभी जहां भी देश में इस तरह से शाखा लगाई जा रही है वहां योग, प्राणायाम व सामूहिक गीत के बाद प्रार्थना होती है। एक घंटे की जगह आधे घंटे की ही शाखा घरों से लग रही है। इस अस्थाई व्यवस्था को पूरे देश में स्वयंसेवक अपना रहे हैं। 

संघ का प्रचार विभाग कर रहा कई प्रयोग

घरो में रहने वाले स्वयंसेवकों के लिए संघ का अखि भारतीय प्रचार विभाग कई प्रयोग कर रहा है। लोगों को पुस्तक पढने के आनलाइन लिंक भेज रहा है। ऐसी व्ववस्था जब तक लाकडाउन रहेगा तब तक के लिए की जा रह है। पिछले दिनों बौद्धिक विभाग ने आनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की थी।

Posted By: Alok Shahi

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस