रांची, राज्य ब्यूरो। Coronavirus Lockdown झारखंड की राजधाानी रांची के तमाड़ से पिछले दिनों संदेह के आधार पर मुसाबनी स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र ले जाए गए 11 विदेशी मुसलमानों से अब केंद्रीय जांच एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। अब तक की पूछताछ में उनकी गतिविधि संदिग्ध नहीं मिली है। उनसे पूर्व में झारखंड पुलिस की सीआइटी व विशेष शाखा की टीम भी पूछताछ कर चुकी है।

कोरोना को लेकर सभी विदेशी मुसलमानों को क्वारंटाइन में रखा गया था, जिनकी जांच रिपोर्ट भी पुलिस को मिली है और सभी निगेटिव मिले हैं। पूछताछ में सभी विदेशी मुसलमानों ने बताया है कि उन्हें सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली में एक कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन उनका कार्यक्रम नहीं हो सका। वे धर्म प्रचार के सिलसिले में दिल्ली से 19 मार्च को रांची पहुंचे थे। इनमें चीन के तीन व कजाकिस्तान के नौ लोग शामिल हैं। उनके पास पासपोर्ट व वीजा भी है। इन 11 विदेशी मौलवियों में गुलमुद्दीन, शाकिर, जाकिर, रूस्तम बेग, इस्माइल व अन्य शामिल हैं।

अपने को इस्‍लमालिक स्‍कॉलर बताने वाले ये सारे मौलवी 19 मार्च को दिल्‍ली के रास्‍ते झारखंड में दाखिल हुए थे। बताया गया है कि ये सभी मौलवी कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित चीन, कजाकिस्‍तान और किर्गिस्‍तान के नागरिक हैं। तमाड़ के रड़गांव के एक मस्जिद में ठहरे होने की सूचना पर तब हड़कंप मच गया, जिसके बाद पुलिस ने सबको पकड़ा और उनकी स्‍वास्‍थ्‍य जांच कराई। फिर इन्‍हें क्‍वारंटाइन के लिए मुसाबनी भेज दिया गया। इधर एक साथ 11 मौलवियों के मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा है। शनिवार को केंद्रीय जांच एजेंसी और राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने पूरे मामले की गहराई से तफ्तीश की। सभी मौलवियों से बारी-बारी से घंटों पूछताछ की गई।

इधर रांची के एसपी रुरल, ऋषभ कुमार ने बताया कि सभी 11 मौलवियों को संदिग्‍ध मानते हुए जांच एजेंसियां इनकी कुंडली खंगाल रही हैं। सभी के दस्‍तावेज चेक किए जा रहे हैं। मुस्लिम कल्‍चर पर स्‍टडी के लिए भारत आने की जानकारी फिलहाल मौलवियों ने दी है। सभी के पासपोर्ट-वीजा जब्‍त किए गए हैं। ये सभी मौलवी पिछले डेढ़ महीने से भारत में हैं। ये सभी खुद को धर्म प्रचारक बता रहे हैं।

Posted By: Alok Shahi

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