रांची, राज्य ब्यूरो। Coronavirus Lockdown कोरोना के वर्तमान संकट को देखते हुए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) की इस वित्तीय वर्ष की पहली किस्त का भुगतान एक अप्रैल से ही शुरू कर दिया है। 17.50 हजार किसानों के खाते में एक अप्रैल को दो-दो हजार रुपये की किस्त पहुंच भी चुकी है। इस माह के अंत तक पीएम किसान योजना के अंतर्गत आने वाले सभी 15.50 लाख निबंधित किसानों के खाते में यह किस्त पहुंच जाएगी, ताकि वे लॉक डाउन और उसके बाद की अवधि में आवश्यक वस्तुओं की खरीद कर सकें। इसका चिंताजनक पहलू यह है कि झारखंड के करीब 5.5 लाख किसान ऐसे हैं जो अब भी इस लाभ से वंचित हैं। इनके खाते से आधार नंबर, तस्वीर, नाम-पता आदि मेल नहीं खाने के कारण आधार से खातों को लिंक नहीं किये जा सकने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। 

राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को झारखंड के 21 लाख से अधिक किसानों का ब्योरा भेजा था, इन्हें पीएम किसान का वाजिब लाभुक माना गया था। बाद में केंद्र सरकार के स्तर से किए गए वेरिफिकेशन के क्रम में छह लाख किसानों का रिकार्ड अपडेट नहीं मिला। ज्यादातार किसानों के आधार में अंकित नाम उनके बैंक खाते के नाम के नाम से मिलते हुए नहीं पाए गए। कुछ में बैंक एकाउंट व आइएफएस कोड भी गलत था। ऐसी स्थिति में इन्हें रिजेक्ट की श्रेणी में डालते हुए लाभ से वंचित कर दिया गया था। राज्य सरकार के यह अपेक्षा की गई कि वह इन रिकार्ड को अपडेट कर पुन: भेजेगा। 

तीन लाख किसानों का डाटा अपडेट किया गया

कृषि विभाग के सूत्रों की मानें तो राज्य में जिन छह लाख किसानों के डाटा की विसंगति को आधार बनाते हुए उन्हें रिजेक्ट किया गया था, उनमें से पिछले चार माह में तीन लाख से अधिक का वेरीफिकेशन कर उसे केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने उन्हें पीएम किसान के लाभुकों की सूची में अब तक शामिल नहीं किया है। हालांकि अभी भी ढाई लाख से अधिक किसानों के डाटा को अपडेट किया जाना बाकी है। लॉक डाउन की अवधि में यह कार्य इन दिनों पूरी तरह से बंद है।

Posted By: Alok Shahi

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