रांची, राज्य ब्यूरो। अब कोरोना वायरस से मृत्यु होने पर निबंधन प्रमाणपत्र में कारण के रूप में कोरोना संक्रमण का उल्लेख किया जा सकेगा। डेथ सर्टिफिकेट देखकर कोई भी जान सकेगा कि संबंधित व्यक्ति की मौत कोरोना से हुई है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इसे लेकर आदेश पारित किए जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के निदेशक डा. शांतनु कुमार अग्रहरि ने झारखंड के मुख्य निबंधक सह वित्त एवं योजना विभाग के सचिव राहुल शर्मा को पत्र भेजकर सभी सरकारी एवं गैर सरकारी अस्पतालों को इसकी सूचना देने तथा इसे लागू करने का अनुरोध किया है।

कोरोना से होनेवाली मृत्यु के क्रम में फार्म चार एवं फार्म चार-ए में मृत्यु के कारण के तौर पर कोरोना का उल्लेख किया जा सकेगा। मृत्यु के निबंधन में कोरोना का उल्लेख किए जाने के प्रविधान होने से ऐसे सभी परिवार, जिनके किसी निकटवर्ती रिश्तेदार की मृत्यु कोरोना से हुई है, वे फार्म चार एवं फार्म चार ए में उक्त जानकारी प्राप्त कर सरकार से प्राप्त होनेवाली सहायता राशि या अन्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

डा. शांतनु ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और केंद्र सरकार के महानिबंधक के निर्णय के आलोक में मुख्य निबंधक से यह भी अनुरोध किया है कि संस्थागत मृत्यु अथवा चिकित्सक द्वारा प्रमाणित मृत्यु के संबंध में सभी निबंधकों को इससे संबंधित आदेश जारी करें। साथ में यह आदेश भी दें कि वे मृत्यु के निबंधन के बाद मृतक के स्वजन की ओर से मृत्यु के कारण के संबंध में जानकारी प्राप्त करने की इच्छा व्यक्त किए जाने पर फार्म चार एवं चार ए में प्राप्त मृत्यु के कारण की जानकारी उपलब्ध कराएं।

यदि उक्त सूचना निबंधक के पास उपलब्ध नहीं है, तो वे उक्त सूचना को मुख्य निबंधक के कार्यालय से प्राप्त कर संबंधित निकटवर्ती परिजन को उपलब्ध कराएं। साथ ही संबंधित निबंधक, मृतक के निकटवर्ती रिश्तेदार को उपलब्ध कराए गए मृत्यु की विवरणी को मृत्यु पंजी के अभ्युक्ति कालम में उल्लेखित करना भी सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना से हो रही मृत्यु के लिए दो कोड आवंटित किए गए हैं, जिनका उपयोग निबंधन में किया जा सकता है। कोरोना की पहचान होने पर कोड यू07.1 तथा पहचान नहीं होने पर यू07.1.2 का उल्लेख किया जाएगा।

Edited By: Sujeet Kumar Suman